Uncategorized छंद दोहावली- रामकिशोर पाठकदोहावली- रामकिशोर पाठक December 26, 2024 Dev Kant MishraDev Kant Mishra 0 Comments 7:04 am तन-मन-धन अर्पित करे, रखकर स्वच्छ विचार। पाठक नित करते रहे, जन-जन का उपकार।। वाणी ऐसी बोलिए, करें नहीं हलकान।[...] और पढ़ेंऔर पढ़ें