Shaikshnik-पद्यपंकज

किताब -मो.मंजूर आलम

खाली अलमारियों को किताबों से भर दो, बैठो कभी तन्हा तो निकाल कर पढ़ लो। हो मन उदास तो- उठा लो कोई गीत गजल चुटकुले कहानियों की किताब… पढ़ भगा…

कचरा प्रबंधन -मधु

कचरे को इधर-उधर ना फेको भाई, इसमें है सारे जग की भलाई। कूड़ा को कूड़ेदान में डालो, चारों ओर न गंदगी फैलाओ। दो कूड़ेदान देख हम सभी हैरान, दो रंगों…

पार्थ- एस.के.पूनम

हे आचार्य तुम ही पार्थ हो” हे पार्थ!तेरा कर्मभूमि विद्यालय है, हे आचार्य!रणभूमि भी शिक्षालय है, लेखनी और किताबें तेरा अस्त्रशस्त्र है, तो फिर तुम्हें किस बात का भय है।…

अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी -विवेक कुमार

सजी है बगिया, चहकने को तैयार, आपके आगमन से होगा, हमारा विद्यालय गुलजार, इंतजार कर रही अंखियां, करने को स्वागत और मान। आशा और विश्वास से, आपको किया है आमंत्रण,…

निपुण भारत, निपुण बिहार – संजय कुमार सिंह

बच्चों की फुलवारी कितना महक रही है देखो तो मुनिया बेटी विद्यालय में चहक रही है देखो तो।। चहक – चहक कर बोल रही हर दिन विद्यालय आउंगी पढ़ना –…

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