संघर्षों का आगाज करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

व्यर्थ की बातों में उलझकर, मत वक्त अपना बर्बाद करो। इक-इक पल है कीमती जानो, स्वयं से तुम संवाद करो।। करना है जो लक्ष्य सिद्धि तो, हाथ पर हाथ धरे…

मतदान अवश्य कीजिए – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

लोकतंत्र का पावन पर्व, राय अपनी दीजिए। राष्ट्रहित में अवश्य अपना,अंश निश्चित कीजिए। बनिए मत सिर्फ मूक दर्शक, फैसला अब लीजिए। काम करें जो राष्ट्रहित में,मत उसे ही दीजिए।। किन्हीं…

आदिशक्ति मात भवानी- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

आदिशक्ति हे मात भवानी , आप हैं मातु जग कल्याणी। हम आए माँ द्वार तुम्हारे, दूर करो माँ कष्ट हमारे। ज्ञान का मात ज्योत जला दो, मन से सारे बैर…

आओ मतदान करें- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

देश की आजादी को अगर अक्षुण्ण बनाए रखना है। तो सोच-समझ व जाँच-परखकर नेता को हमें चुनना है।। अपनी पिछली पीढियों के त्यागों का मान यदि रखना है। तो उठो…

पुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

यदि तुम विवेक सम्पन्न हो धर्म की वैज्ञानिकता को समझते हो अभ्युदय व निःश्रेयस की सिद्धि करते हो तो निश्चय ही तुम पुरुष हो… यदि तुम ऊर्ध्वगामी हो प्राकृतिक संपदा…

अब ये कदम ना पीछे हटेंगे – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

ऐ सुन मेरे भाई मत बोल तीखा, अभी तो मैंने बस चलना है सीखा। पूरा है भरोसा स्वयं पर मुझको, मुकद्दर से मैंने लड़ना है सीखा। लगा ले चाहे कोई…

मंदाक्रांता छंद – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति

हे वागीशा, हृदय तल से,तुझे माँ मैं बुलाऊँ। आ जाना माँ, सुन विनय को,आस तेरे लगाऊँ। है ये वांछा, चरण रज को,भाल से माँ लगाऊँ। देना माता,शुभवचन ये,गीत तेरे रचाऊँ।…

पाकिस्तानियों का दर्द – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

अब सुनो हमारी सरकार अपनी आवाम की पुकार कुछ करो काम निर्माण का मिले जन-जन को रोजगार। आजाद हुए हुआ 76 साल आज भी स्थिति है बदहाल त्याग कर संकुचित…

युगपुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

  जीवन में कुछ करना है तो, आलस को तजना होगा। बगैर रुके और बिना थके,नित्य तुम्हें चलना होगा।। सपने बड़े सजाए हो तो,शोलों पर चलना होगा। नींदे छोटी करनी…

करना होगा कर्म महान -कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति

यूं ही नहीं किसी को,दुनिया में पूजा जाता। महादेव बनने को,हलाहल को पिया जाता।। चाहत है यदि तेरी, मिले तुमको भी सम्मान। हे नर सुनो तुमको,करना होगा कर्म महान।। औरों…