बिहार गीत – जयकृष्णा पासवान

उठो-उठो होलैय बिहान गे बहिना । हमरो बिहार छै महान…२।। “गांधी जी के कर्म भूमि” कुंवर सिंह के वीरता।२ “धर्म भूमि अशोक के” आसमान गे बहिना।। हमरो बिहार छै महान…।२…

नारी शक्ति- जयकृष्णा पासवान

चंडी की अवतार तू अबला, जग है तेरे रखवाले। रुप धारण की आन पड़ी है, अब तेरे किस्मत उजियारे।। “धधक रहा ज्वाला मन की” इसको तुम प्रतिकार करो। झुको नहीं,रूको…

मिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवान

मैं मिट्टी हूं मगर एक आकार का प्यासा हूँ। कोमल हाथों से एक आकृति प्रदान कर दीजिए।। मैं इस उपकार को ताउम्र तक निहारता रहूंगा।। मैं तो फिजाओं का एक…

हमारा मुल्क- जयकृष्णा पासवान

सोना था सोनाली कितनी, मुल्क हमारा परम निशान। देश में आकर बिखर गया, अंग्रेजी शासन का ऐलान।। सब भेदों से जाल गिराकर, फसा दिया भोला इंसान। सताने लगी अंग्रेजी बोली,…

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