सौंदर्य. – मनु कुमारी

स्त्री का सौन्दर्य ना तो टीका पहनने से है, ना बिंदी, नथिया,कंगन, चूड़ी पायल पहनने से। लिपिस्टिक,काजल ,गजरा, झूमका, कमरबंद, बिछिया, हीरे मोतियों से जड़ी साड़ियों से नहीं । उसका…

अग्निशमन – मनु कुमारी

आओ बच्चों तुम्हें बतायें , अग्निशमन क्या होता है ? अग्नि से बचाव का यह एक , उत्तम माध्यम होता है। अग्नि दुर्घटना से नुकसान ! अग्नि बचाव का चलाएं…

रिश्ते दिलों के- मनु कुमारी

रिश्ते दिलों के निभाये हैं हमने, गमों में भी अक्सर मुस्कुराये हैं हमने। है बहुत हीं प्यारा ये नाजुक सा बंधन, फूलों की भांति संवारा है हमने। कभी डांट फटकार…

उज्ज्वल रखना भाल – मनु कुमारी

इम्तिहान का आ गया,सुंदर सा परिणाम। उल्लासित बच्चे यहां, खूब करेंगे नाम।। बच्चे निर्धन के सदा, पढ़ते मन चित लाय। शिक्षा हेतु और नहीं,कोई यहां उपाय।। नैतिकता की सीख ले,…

हैप्पी बर्थडे टीचर्स ऑफ बिहार – मनु कुमारी

शिक्षकों में प्रतिभा का फूल खिलाया, मन से संकोच को दूर भगाया, शिक्षा के पटल पर लाया, उमंगों की नयी बहार। हैप्पी बर्थडे टीचर्स ऑफ बिहार।। नवाचार की कमी नहीं…

कुंडलियां छन्द – मनु कुमारी

कुंडलियां छन्द-मैथिली ( बैसाखी पर्व पर ) बैसाखी पाबैन में,दुलहिन रहूं जुड़ाय। अचल रहय अहिबात आ, सुन्दर बनय सुभाय।। सुन्दर बनय सुभाय,पतिव्रत धर्म निभायब। करि उत्तम आचार,पितर के मान बढ़ायब।।…