होली का त्योहार है आया- आशीष अम्बर

होली का त्योहार है आया, खुशियों की सौगात है लाया। सँग रंगों की उड़ान है लाया, होली का त्योहार है आया। लाल,गुलाबी,नीली,पीली, रंगों की बरसात है लाया। ढोल, मंजीरे और…

होली- शैलेन्द्र भूषण

होली को जनमानस में किया जिन्होंने लोकप्रिय श्री कृष्ण का इस जग पर ऐसा उपकार है होली, रंगों का त्योहार है। ऋतुसंधि का पर्व अनोखा प्रकृति कर रही तैयारी अपनी…

वसंत- शैलेन्द्र भूषण

पुलकित नवीन किसलय ले नित कहता नयी कहानी मानवता की दुर्दशा देख उसकी भी खो गयी जवानी। सुरभित पवन से करता फागुन वसंत आगमन की तैयारी लाल, पीले, नीले फूलों…

नन्ही आँखों में सपनों का जहाँ- सुरेश कुमार गौरव

भोली-सी आँखों में, सपनों का जहाँ है, निःस्वार्थ हंसी में, प्रेम अनंत यहाँ है। आशा के दीपक से, रौशन हैं राहें, बाल मन के रंग में, उजली हैं चाहें। ज्ञान…

फणीश्वरनाथ रेणु: विधा- दोहावली- रामकिशोर पाठक

कथा भाव ऐसी सरल, जैसे स्वर दे वेणु। उपन्यास वैसी लिखें, फनीश्वर नाथ रेणु। हृदय छूता रहा सदा, उपन्यास का भाव। उनकी रचना में दिखा, गॉंव घर से लगाव।। दर्द…

वन्य जीव बचाएँ, प्रकृति महकाएँ- सुरेश कुमार गौरव

वन उपवन के प्राणी प्यारे, जीवन के ये शुभ सितारे। धरती का ये संतुलन बनाएँ, प्रकृति की नित शोभा बढ़ाएँ। शेर दहाड़े वन जंगल में जाकर, हिरण नाचे कुलांचे भर…