आओ सीखें प्यार जताना मिलकर चलना मिलकर रहना आओ सीखें तूफानों में कैसे चलना कैसे लड़ना भरी हुई दरिया में[...]
Author: Giridhar Kumar
MA,BEd
CRCC,CRC MS Bairia,Amdabad,Katihar
योग दिवस-गिरिधर कुमारयोग दिवस-गिरिधर कुमार
योग दिवस योग यह संयोग यह प्रकृति का मेल यह मानव और सृष्टि का कोलाहल से विरक्ति का जीवन का[...]
सीखना जैसे जीना-गिरिधर कुमारसीखना जैसे जीना-गिरिधर कुमार
सीखना जीना जैसे सतत अविरल चलते रहना सबक यह पूरा नहीं होता यह रास्ते खत्म नहीं होते कभी यही सौंदर्य अद्वितीयता[...]
पिता-गिरिधर कुमारपिता-गिरिधर कुमार
पिता एक बरगद एक असीम सा कुछ वह खड़ा है पार्श्व में हम और हमारी छाया के बीच कहीं… ढूंढो[...]
टूटती कविता-गिरिधर कुमारटूटती कविता-गिरिधर कुमार
टूटती सी कविता रंग चटखने लगे हैं इसके परेशान है कविता कोलाहल से किसी कोविड से किसी यास से किसी[...]
विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस-गिरिधर कुमारविश्व माहवारी स्वच्छता दिवस-गिरिधर कुमार
विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस प्रकृति का बदलाव यह हो स्वस्थ भाव यह यह नहीं कोई रोग है न मन का[...]
तूफान के संग-गिरिधर कुमारतूफान के संग-गिरिधर कुमार
तूफान के संग घोर तिमिर में घिरा पथिक ढूंढ़ता है राह कुछ मन के अवसादों की पोटली का बोझ सिर[...]
