पद्यपंकज MHM विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस-गिरिधर कुमार

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस-गिरिधर कुमार


For publish with poem

लेख सुनें तैयार

IMG-20200818-WA0005.jpg

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस

प्रकृति का
बदलाव यह
हो स्वस्थ
भाव यह
यह नहीं कोई
रोग है
न मन का कोई
बोझ है

ज्ञान का
आलोक है
स्वच्छता
आधार है
स्वास्थ्य गत
एक यह
सरल सी
बात है
नहीं कुछ ये
और अलग
नहीं कुछ है
अन्यथा
इसे न
बनने दें
कभी भी
मन की व्यथा

चेतना यह
बन सके
प्रगति का
प्रसार हो
परिवेश भी
स्वस्थ हो
संगत विचार हो

विश्व स्वछता दिवस
यही भाव
लाता है
नारी सशक्त हो
संकल्प यह
दुहराता है

-गिरिधर कुमार

0 Likes

Giridhar Kumar

Spread the love

Leave a Reply