Author: Nutan Kumari

Nutan

मां शारदे-नूतन कुमारीमां शारदे-नूतन कुमारी

0 Comments 3:06 pm

माँ शारदे माता तुम्हारे चरणों की दासी हूँ दातिये। तेरे स्वरूप को मेरी अँखियन प्यासी है दातिये! मुझे वर दे,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nutan

समाज में किन्नर जाति-नूतन कुमारीसमाज में किन्नर जाति-नूतन कुमारी

0 Comments 9:46 am

    समाज में किन्नर जाति ईश्वर ने मुझको जन्म दिया, माता के गोद में मैं भी पली, मेरे भी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nutan

वो शिक्षक ही है-नूतन कुमारीवो शिक्षक ही है-नूतन कुमारी

0 Comments 11:44 am

वो शिक्षक ही हैं हरेक बाधाओं को पार कर, जो हमें चलना सिखलाता है, चेतना में भर आशा की किरण,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nutan

प्रतीक्षा-नूतन कुमारीप्रतीक्षा-नूतन कुमारी

0 Comments 3:22 pm

प्रतीक्षा व्याकुल हृदय में व्यथा भरी, मन मायूसी से घिरा हुआ, मेरे हरि ! मेरे अंतरयामी ! प्रतीक्षा का अंत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

आज़ादी के नग्में-नूतन कुमारीआज़ादी के नग्में-नूतन कुमारी

0 Comments 4:35 pm

आज़ादी के नगमें स्वर्णिम इतिहास की गाथा, संजोकर दिल में अपने हम, ख़ुशी के गज़लें, आज़ादी के हम नग्में सुनाएंगे।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

गंगा-नूतन कुमारीगंगा-नूतन कुमारी

0 Comments 10:16 am

  गंगा मोक्षदायिनी गंगा सर्वस्व समाहित कर जगत को निरंतर करती दुलार मां समान। कल्याणकारी गंगा इक बूंद से तृप्ति[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें