प्रभु भजन। तूने रच के बनाया भगवानपाँच तत्व से नरतन का—२। नैन दियो हरि दर्शन करन कोमुख दियो कर गुणगान,पाँच[...]
Author: PRIYANKA PRIYA
तुमसे ही है – अवधेश कुमारतुमसे ही है – अवधेश कुमार
हो जाए पूरे ख्वाब, वो तुमसे ही है,सुबह की हर शुरुआत, वो तुमसे ही है। कहने को हर बात, है[...]
नमन तुम्हें है विधाता – राम किशोर पाठकनमन तुम्हें है विधाता – राम किशोर पाठक
श्याम समवर्णिक छंद नमन तुम्हें है विधाता।सबल हमें जो बनाता।।अगर तुम्हें रास आता।सहज बने सर्व ज्ञाता।। हम-सब अज्ञान पाले।मगन सभी[...]
विज्ञान शिक्षकों का प्रशिक्षण – अवधेश कुमारविज्ञान शिक्षकों का प्रशिक्षण – अवधेश कुमार
विज्ञान शिक्षकों का प्रशिक्षण एक कल का दिन था, बीत गया कहानी बनकर,आज नई सुबह है, आई सुनहरी किरणें बुनकर।एक[...]
हे मां देवी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानहे मां देवी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
दंडक छंद6,11,15,10 हे माॅं देवी,कल्याणी पापहरणी,तेरी जय हो महागौरी,कर अघ का धावन। जले दीप,-धर्म द्वार दिन-रात,भजन कीर्तन करे प्रसन्न,स्नेहिल मन[...]
काशक फूल – अवधेश कुमारकाशक फूल – अवधेश कुमार
काशक फुलधरती पर जब सरदक पइैन झरिक गेल,हवा हलर-हलर बहि रहल,ओकर संग गामक गाछ-बिरिछ झूमि-झूमि उठल,तखन हरियर खेतक बीच सँसफेद[...]
गुलाब की कामना – अवधेश कुमारगुलाब की कामना – अवधेश कुमार
ये गुलाब समर्पित हैं उन्हें,जिनसे हमने सच्चा प्रेम किया है —निश्छल, अनवरत, बंधनहीन प्रेम। जैसे ही उनकी याद आती है,चेहरे[...]
एक बाल मन की कमेंट्री – अवधेश कुमारएक बाल मन की कमेंट्री – अवधेश कुमार
ग्राउंड में जब आई धूम,एशिया कप का था फाइनल बूम बूम।पाकिस्तान आया बड़े जिगरी मिजाज में,सोचा, जीतेंगे हम, छक्के-छक्के बाज़ार[...]
महाष्टमी में खोइछा का महत्व – अवधेश कुमारमहाष्टमी में खोइछा का महत्व – अवधेश कुमार
खोइछा में संजोया शुभ आशीष,माँ के चरणों का अनमोल वचन। धान, दूब, हल्दी, सुपारी के संग,बन जाती जीवन में खुशियों[...]
प्रायोगिक विज्ञान – अवधेश कुमारप्रायोगिक विज्ञान – अवधेश कुमार
प्रायोगिक विज्ञान किताबों और सैद्धान्तिक कक्षाओं से मन जब ऊब जाता हैतब प्रयोगशाला में मन लगता है।टेस्ट-ट्यूब में रंग बदलते[...]
