गुरु की कृपा आज करूॅं आभार ह्रदय से गुरु की बारंबार, जिसने किए क्षमा हमारे अगणित अपराध । माटी की मूरत जैसा था मेरा आकार, गुरु का सानिध्य पाकर सीखा…
Author: PRIYANKA PRIYA
शिक्षक हूँ मैं- रूचिका
शिक्षक हूँ मैं अनगढ़ माटी को मैं आकार दूँ, बिगड़ी को सदा ही सँवार दूँ, वर्ण,अक्षर ,शब्द से परिचय करा वाक्य का मैं सदा विस्तार दूँ। शिक्षक हूँ शिक्षा का…
शिक्षक हमारे ज्ञान पुंज-अमरनाथ त्रिवेदी
शिक्षक हमारे ज्ञान पुंज कौन कहता शिक्षकों के बिना , तकदीर हम सबकी बनेगी ? कौन कहता शान में , इनके बिना सही जिंदगी कटेगी ? ज्ञानपुंज के बिना क्या…