Author: PRIYANKA PRIYA

आस्था न होगा कभी दूजा, ये है हमारा छठ पूजा – रवि कुमारआस्था न होगा कभी दूजा, ये है हमारा छठ पूजा – रवि कुमार

0 Comments 7:47 am

आस्था न होगा कभी दूजा, ये है हमारा छठ का पूजा।व्रतियों ने खुद को इस तप में भूंजा, इसलिए आज[...]

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क्या तुमने कभी देखा है – अवनीश कुमारक्या तुमने कभी देखा है – अवनीश कुमार

0 Comments 7:44 am

(मानवता के आईने में झाँकती एक कविता) क्या तुमने कभी देखा है…बेबस, लाचार हर उस औरत कोजो ढो रही है[...]

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Ram Kishore Pathak

अरघ केरऽ बेरिया नु हो- राम किशोर पाठकअरघ केरऽ बेरिया नु हो- राम किशोर पाठक

0 Comments 9:49 pm

अरघ केरऽ बेरिया नु हो – छठ गीत कर जोड़ी करिले विनतिया सुनह सुरुज बतिया नु हो।आदित करूँ नहीं देरिया[...]

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प्यारा स्कूल – निवेदिता कुमारीप्यारा स्कूल – निवेदिता कुमारी

0 Comments 8:12 pm

प्यारा स्कूल मैं ये कहाँ आ गई हूँ,ये सवाल मन में आया है,माँ के साथ जब पहली बार,अनोखे जगह पर[...]

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समस्या – बैकुंठ बिहारीसमस्या – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 8:58 am

समस्याजीवन का अभिन्न अंग है समस्या,सुख का साथी है समस्या,दुख का साथी है समस्या,भूत का साथी है समस्या,वर्तमान का साथी[...]

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मां की लाल साड़ी – अवधेश कुमारमां की लाल साड़ी – अवधेश कुमार

0 Comments 9:21 pm

माँ की लाल साड़ीअलमारी के कोने में अब भी टंगी है वो लाल साड़ी,जिसमें बसती है माँ की मुस्कान —[...]

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Girindra Mohan Jha

पानी – गिरींद्र मोहन झापानी – गिरींद्र मोहन झा

0 Comments 9:15 pm

पानी तू रंगहीन होती, फिर भी तेरे रंग अनेक,श्रेष्ठ विलायक बनकर तू कितनों को करती एक,आंखों का पानी, हो सबके[...]

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Ram Kishor Pathak

रामायण पढ़ते हैं – राम किशोर पाठकरामायण पढ़ते हैं – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:59 am

गीतआओ चिंतन कर लें थोड़ा, जो खुद गढ़ते हैं।गाथा सुंदर रामायण की, हम-सब पढ़ते हैं।। आओ चिंतन कर लें थोड़ा,[...]

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मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमारमेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार

0 Comments 6:33 am

मेरी पोषण वाली थाली : बाल कवितामाँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग ,पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग[...]

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कैसे कह दूं – बैकुंठ बिहारीकैसे कह दूं – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 6:30 am

कैसे कह दूंकैसे कह दूं कि सब ठीक है,अजीब सी बेचैनी है।कैसे कह दूं कि सब ठीक है,अजीब सा अधूरापन[...]

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