Author: PRIYANKA PRIYA

आलू रे आलू तेरा रंग कैसा – नीतू रानीआलू रे आलू तेरा रंग कैसा – नीतू रानी

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आलू रे आलू तेरा रंग कैसाजिस सब्जी में मिला दूँ लगे उस जैसाआलू रे आलू ———-२। आलू की चटनी बहुत[...]

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भारत की बेटियां – आशीष अंबरभारत की बेटियां – आशीष अंबर

0 Comments 3:55 pm

सारे संसार में नाम कमाया है ,अपनी प्रतिभा का जादू बिखराया है।देश हो या विदेश हर जगह ,भारत की बेटियां[...]

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मां भवानी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानमां भवानी – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

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पद्धरी छंदसम -मात्रिक छंद, 16 मात्राएँआरंभ द्विकल से,पदांत Slअनिवार्य। प्रकट सिद्धिदात्री दिव्य भाल।आभासी अतिविकट विकराल।।पूर्ण कर अभ्यागत के आस।भर दें[...]

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सामाजिक समानता – जैनेन्द्र प्रसाद रविसामाजिक समानता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

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मनहरण घनाक्षरी छंद सैकड़ो हैं धर्म-पंथ,जिसका नहीं है अंत,दुनिया में गरीबों की, होती नहीं जात है। दिन भर कमाते हैं,जो[...]

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Ram Kishor Pathak

अपने सपने – राम किशोर पाठकअपने सपने – राम किशोर पाठक

0 Comments 3:43 pm

अपने सपने- मणिमाल वार्णिक छंद कहता यहाँ हर शख्स है, करता यहाँ पर कौन।जब भी उठी यह बात तो, रहते[...]

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बालमन में मेले का उत्साह – अवधेश कुमारबालमन में मेले का उत्साह – अवधेश कुमार

0 Comments 3:41 pm

मेले में छा जाती है,रंग-बिरंगी रोशनी की चमक,गुब्बारे, झूले, मिठाई की महक,आँखों में जाग उठती है नई-नई चमक।बर्गर , मोमोज[...]

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Ram Kishor Pathak

माता से विनय – राम किशोर पाठकमाता से विनय – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:48 am

माता से विनय- चौपाई छंद सुन लो माता विनय हमारी।तेरी महिमा न्यारी – न्यारी।।दुष्टों का संहार किया है ।भक्तों का[...]

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Ram Kishor Pathak

सफल होना – राम किशोर पाठकसफल होना – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:43 pm

बासंती छंद वार्णिक आओ मेरे पास, सफल जो चाहो होना।भूलो सारी बात, अगर चाहोगे सोना।।हारे वैसे लोग, सतत आगे जो[...]

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विज्ञान टीएलम बनाते बच्चे – अवधेश कुमारविज्ञान टीएलम बनाते बच्चे – अवधेश कुमार

0 Comments 11:34 pm

खिलखिलाती आँखों में चमक नए विचारों की,गुरुजी जगाते चिंगारी सृजन-संसारों की।कागज़, रंग और विज्ञान के छोटे-छोटे खजाने,बना जाते हैं ऐसे[...]

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नाइट शिफ्ट की संवेदना – अवधेश कुमारनाइट शिफ्ट की संवेदना – अवधेश कुमार

0 Comments 11:31 pm

कभी आओ जो फुर्सत में,तो कुछ बातें कर लें,जो ठहर गई है ज़िंदगी,उसका भी हिसाब कर लें। शाम से सुबह[...]

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