पूर्व अमित आख्यान सुन , क्यों नहीं तू सँभल रहे हो ? किस द्वेष -राग मे लिप्त हो , मानवता[...]
Author: Shivendra Suman
Sarkari shikchakSarkari shikchak
सरकारी शिक्षक हम सरकारी स्कूल के शिक्षक शिक्षा की तसवीर बदलने वाले है कम से कम संसाधनों में भी बच्चो[...]
बेटी धन अनमोल-कुमकुम कुमारीबेटी धन अनमोल-कुमकुम कुमारी
बेटी धन अनमोल मेरे जन्म से पापा क्यों डरते हो, मुख अपना मलिन क्यों करते हो? बेटी हूँ कोई अभिशाप[...]
हिंदी मन प्राण की भाषा-रूचिकाहिंदी मन प्राण की भाषा-रूचिका
रात के स्वप्न से लेकर दिन की हकीकत तक सुबह की रोशनी से लेकर रात के अंधकार तक, साँसों के[...]
बेटी धन अनमोल – कुमकुम कुमारीबेटी धन अनमोल – कुमकुम कुमारी
मेरे जन्म से पापा क्यों डरते हो, मुख अपना मलिन क्यों करते हो? बेटी हूँ कोई अभिशाप नहीं, फिर मन[...]
और हम छूट गए-चंचला तिवारीऔर हम छूट गए-चंचला तिवारी
और हम छूट गए तुम चले गए पर हम छूट गए। वक्त बीत गया पर हम छूट गए। सुनी पड़ी[...]
ख्वाब-श्री विमल कुमारख्वाब-श्री विमल कुमार
वो ख्वाब था एक सपना था एक हकीकत था एक यादगार था। एक तेज आंधी आयी तूफान की झोंका आयी[...]
श्रद्धा सुमन-जैनेन्द्र प्रसाद रविश्रद्धा सुमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
तिनका तिनका जोड़ कर टी ओ वी सा महल बनाया। अपने शब्द,स्नेह और ज्ञान से शिक्षकों ने इसे सजाया।। नाम,[...]
अपना भेज के अंतिम संदेश-रमेश कुमार मिश्रअपना भेज के अंतिम संदेश-रमेश कुमार मिश्र
अपना भेज के अंतिम संदेश,छोड़ के अपना देश, परदेश तुम चले गए,परदेश क्यों चले गए बदल के अपना भेष,खुश रहने[...]
शिक्षक की चाह-अपराजिता कुमारीशिक्षक की चाह-अपराजिता कुमारी
मैं शिक्षक हूंँ, हाँ मैं शिक्षक हूंँ मैंने चाहा शिष्यों को शिखर तक ले जाने वाला बनूं, मैंने चाहा अपने[...]
