Author: Vijay Bahadur Singh

वृक्ष लगाओ-मधु कुमारीवृक्ष लगाओ-मधु कुमारी

0 Comments 9:19 am

वृक्ष लगाओ वृक्ष लगाओ, वृक्ष लगाओ जीवन अस्तित्व के लिए ऑक्सीजन के श्रोत बढाओ पर्यावरण को ही नहीं अपितु मानव[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

कोरोना का संकेत-लवली कुमारीकोरोना का संकेत-लवली कुमारी

0 Comments 12:35 pm

कोरोना का संकेत हाहाकार मचा है दुनिया में मेरे नाम का खौफ डर-डर कर जी रहे सभी बंद हो गया[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

राष्ट्रवादी कवि सोहन लाल द्विवेदी-कुमकुम कुमारीराष्ट्रवादी कवि सोहन लाल द्विवेदी-कुमकुम कुमारी

0 Comments 11:57 am

राष्ट्रवादी कवि सोहन लाल द्विवेदी माँ सरस्वती के चरणों में, झुककर मैं वन्दन करूँ। मेरी लेखनी को शक्ति दो, माँ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Lovely

रुमाल-लवली वर्मारुमाल-लवली वर्मा

0 Comments 10:23 am

रुमाल एक चीज़ बड़ी कमाल, नाम इसका है रुमाल। कपड़े का टुकड़ा चौकोर, जेब-पर्स में रखते लोग। उद्देश्य एक व्यक्तिगत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

मजदूर-जैनेन्द्र प्रसाद रविमजदूर-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:09 am

मजदूर सुख और सुविधा से जो कोसों रहते दूर हैं। ग़रीबी की चक्की में पिसते दुनिया में मजदूर हैं।। अपने[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

कोरोना से जंग जीत लेंगे हम-शफ़क़ फातमाकोरोना से जंग जीत लेंगे हम-शफ़क़ फातमा

0 Comments 12:11 pm

कोरोना से जंग जीत लेंगे हम हर तरफ है तबाही छाई ये कैसी देश में बीमारी आई हर चेहरे पर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

ज्योतिर्मय चिंतन-दिलीप कुमार गुप्तज्योतिर्मय चिंतन-दिलीप कुमार गुप्त

0 Comments 10:45 am

ज्योतिर्मय चिंतन  साँसों संग युद्धरत जीवन चहुं ओर कराहती दुनिया गमगीन शोर नियति संग संघर्षरत जिन्दगी हौसले के बल मिलती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Giridhar

कोरोना कविता और कवि-गिरिधर कुमारकोरोना कविता और कवि-गिरिधर कुमार

0 Comments 8:50 am

कोरोना कविता और कवि लिख रहा हूं कविता, झांकता है कोरोना ठीक सामने की खिड़की से… अट्टहास करता है वो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

प्रभात-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्रभात-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 12:32 pm

प्रभात हम प्रभात की दिव्य किरण बन जग को राह दिखाएँगे। वसुधा कलियाँ नई खिलाकर महक सदा बिखराएँगे।। तिमिर सदा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Bhawanand

जीवन का संघर्ष-भवानंद सिंहजीवन का संघर्ष-भवानंद सिंह

0 Comments 10:32 am

जीवन का संघर्ष  बदहवास सी हो गई है जिन्दगी गुमसुम सा रहना तन्हाई में सिसकियाँ लेना, लगता है ऐसे मानो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें