तारीख 12/09/2025 प्रिय पुत्र जैसा कि तुम जानते हो कि 14 सितंबर को हम लोग हिंदी दिवस मना रहे हैं[...]
Category: काव्य लेखन
आगाज – दीपक कुमारआगाज – दीपक कुमार
कदम तुम्हारी कह रही, अब पथ का तुम सम्मान करो । सुलग रही अग्नि जो भीतर, अब उसका आह्वान करो[...]
दूर तक चलते हुए – शिल्पीदूर तक चलते हुए – शिल्पी
घर की ओर लौटता आदमी होता नहीं कभी खाली हाथ हथेलियों की लकीरों संग लौटती हैं अक्सर उसके अभिलाषाएं, उम्मीद,[...]
हिंदी : हमारी अस्मिता – अविनाश कुमारहिंदी : हमारी अस्मिता – अविनाश कुमार
हिन्द देश के हिंदी हैं हम, हिंदी से है पहचान हमारी। रक्त बहे या लहू बहे, बस हिंदी है अस्मिता[...]
मेरी हिंदी तू मेरे मौन को आवाज़ देती है। – रीतु वाजपेयीमेरी हिंदी तू मेरे मौन को आवाज़ देती है। – रीतु वाजपेयी
तू मेरी मौन पीड़ा में, मेरी आवाज़ बनती है, पोंछकर अश्रु, सरल शब्दों से दुलार करती है। तेरे अस्तित्व[...]
