Category: काव्य लेखन

“तुम कहूँ या कहूँ आप” – Akhilesh Kumar“तुम कहूँ या कहूँ आप” – Akhilesh Kumar

0 Comments 5:50 pm

बड़े को कहूँ आप और,  छोटे को कहूँ तुम,  क्या होगा अगर छोटे को कहूँ आप !  तुम कहूँ या[...]

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मै हिन्दी भाषा हूँ। – Pankaj kumarमै हिन्दी भाषा हूँ। – Pankaj kumar

0 Comments 8:51 am

वैदिक संस्कृत मेरी जननी, शिव के सुरनाद से जन्मा हूँ, देवनागरी लिपि के वर्णों के, वर्णाक्षरों से तराशा हूँ, मै[...]

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हमारी हिन्दी – BIJENDRA KUMARहमारी हिन्दी – BIJENDRA KUMAR

0 Comments 11:16 pm

समृद्ध विरासत है भाषा की,जिसकी मैं पहचान हूँ,  जिस सलिल हिलोरित बहुभाषा,वह हिन्दी मैं जलधाम हूँ।  मैं भाषा को रुचिर[...]

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हिंदी हमारी प्रेरणा – BEAUTY KUMARIहिंदी हमारी प्रेरणा – BEAUTY KUMARI

0 Comments 10:55 pm

हिंदी हमारी परिणीता, हिंदी हमारी अस्मिता। हिंदी हमारी शान है, हिंद की पहचान है। मां भारती के माथे की बिंदी,[...]

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काब्य लेखन-मेरी हिन्दी – MITHILESH KUMARकाब्य लेखन-मेरी हिन्दी – MITHILESH KUMAR

0 Comments 6:48 pm

भारत की बिंदी है हिंदी,संस्कार से भरीं हुयी। देवनागरी लिपि में लिखी -पढ़ी जाती है ये हिन्दी। अ,आ स्वर है,क[...]

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मेरी पहचान है एक शिक्षक की – Prabhat Kumarमेरी पहचान है एक शिक्षक की – Prabhat Kumar

0 Comments 5:56 pm

मेरी पहचान है एक शिक्षक की  मै बुनता हूँ सपनें हर बच्चे की  देखता हूँ सच्ची रहे राहें जिस पर[...]

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कड़वी बातें – Hariom Kumar Sharmaकड़वी बातें – Hariom Kumar Sharma

0 Comments 4:35 pm

💔 संघर्ष में तुम अनाथ हो, मित्र… 🥀 🚶‍♂️ काफिला तो सफलता के बाद ही उमड़ता है…!!!! 🏆🎉 ज़िंदगी की[...]

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हिंदी हमारी अस्मिता की पहचान – Punita kumariहिंदी हमारी अस्मिता की पहचान – Punita kumari

0 Comments 3:34 pm

हिंदी है हमारी अस्मिता की पहचान  हमारे हृदय संवेगों की जान । जो अनकही को भी कह जाती है अंतस[...]

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