होकर मगन गगन के नीचे, दौड़ रहे ये बच्चे हैं। जिन्हें देखकर वयोवृद्ध सब,अंतर मन से नच्चे हैं।। हरियाली के[...]
Category: बाल कविता
फिर क्यों करती है माँ हल्ला-राम किशोर पाठकफिर क्यों करती है माँ हल्ला-राम किशोर पाठक
कहती अम्मा मुझको लल्ला। फिर क्यों करती है माँ हल्ला।। कान्हा थें कितना ही नटखट। माखन मिसरी खाते चटपट।। घूमा[...]
सर्दी- कहमुकरी- राम किशोर पाठक सर्दी- कहमुकरी- राम किशोर पाठक
सर्दी – कहमुकरी स्पर्श सदा कंपित है करती। रोम-रोम में सिहरन भरती।। जैसे वह हमसे बेदर्दी। क्या सखि? साजन! न[...]
मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमारमेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार
माँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग , पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग । मोटे अनाज देंगे हमें[...]
बारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमारबारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमार
बारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमार बाहर हो रही थी झमाझम बारिश, मन मे हो रही[...]
बाल कविता -नीतू रानीबाल कविता -नीतू रानी
-बाल कविता शीर्षक -एक मोटा हाथी। एक मोटा हाथी झूम के आया, केला के पेड़ को सूँढ से गिराया। उसमें[...]
रसीले फल – राम बाबू रामरसीले फल – राम बाबू राम
आम फलों का राजा है, रस से भरा रसीला है। लीची खट्टी मीठी है, यह हम सबको भाती है। बारिश[...]
अ से ज्ञ की कहानीअ से ज्ञ की कहानी
हिंदी दिवस 14 सितंबर पर “अ से ज्ञ की कहानी” अ से अनार, आ से आम । हिंदी है भारत[...]
बाल सपने – सार्द्ध मनोरम छंद- राम किशोर पाठकबाल सपने – सार्द्ध मनोरम छंद- राम किशोर पाठक
बाल सपने – सार्द्ध मनोरम छंद पाँव में पाजेब मनहर बाँध अपने। नाचते हैं श्याम बनकर बाल सपने।। देखकर नंगे[...]
आओ, हम सब खेलें भाई- विजय शंकर ठाकुरआओ, हम सब खेलें भाई- विजय शंकर ठाकुर
– आओ हम सब खेलें भाई – आओ, हम सब खेलें भाई, अब तो खेल की घंटी आई। भाई आओ,[...]
