Category: बाल कविता

क्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठकक्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:38 pm

क्या मैं अबोध हूॅं। माँ सुनो तो, एक बात जरा, क्या मैं अबोध हूॅं ? पाँच वर्ष की हो गयी,[...]

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Amarnath Trivedi

बहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदीबहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:21 pm

बहुत गरम हुए सूरज दादा बहुत गरम हुए सूरज दादा, कोई उन्हें समझाए न। कैसे हमारे दिन कटेंगे, कोई उन्हें[...]

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Kumkum

हमहु स्कूल जैबय- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’हमहु स्कूल जैबय- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 8:42 pm

हमहु स्कूल जैबय (अंगिका कविता) बस्ता लेके हमहु मैय्या स्कूल पढ़े जैबय। पढ़-लिखकर हमहु बड़ो आदमी बन जैबय।। बड़ो आदमी[...]

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Ratna Priya

दिल तो बच्चा है जी – बाल गीत – रत्ना प्रियादिल तो बच्चा है जी – बाल गीत – रत्ना प्रिया

0 Comments 8:48 pm

बाल गीत (दिल तो बच्चा है जी) ……………………… बचपन की अठखेली, प्यारी-प्यारी बोली, पल में रूठें, मानें, हर गम से[...]

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सीख- विजात छंद मुक्तक – राम किशोर पाठकसीख- विजात छंद मुक्तक – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:44 pm

सीख- विजात छंद मुक्तक सदा वाणी सहज बोलें। नहीं विद्वेष को घोलें।। अगर कोई सताए तो। नहीं चुपचाप से रो[...]

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Snehlata

बचपन – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’बचपन – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 8:41 pm

बचपन सुन्दर! मनमोहक, समय, रुका नहीं क्यों? शायद! रुकता नहीं वक्त, भुला नहीं क्यों? खेल! मैदान, दौड़, रूठना , मनाना,[...]

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Amarnath Trivedi

आम फलों का राजा है – अमरनाथ त्रिवेदीआम फलों का राजा है – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:38 pm

आम फलों का राजा है बड़े बड़े और पीले पीले , होते आम  बड़े  रसीले । सभी फलों का राजा[...]

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बचपन में जो नहीं पिटाया- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’बचपन में जो नहीं पिटाया- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 9:05 pm

बचपन में जो नहीं पिटाया बचपन में जो नहीं पिटाया, उसका है इतिहास नहीं। निज घर में पिंजरबद्ध हुआ,उसका है[...]

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माँ की सीख- स्रग्विणी छंद – राम किशोर पाठकमाँ की सीख- स्रग्विणी छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:52 pm

स्रग्विणी छंद आधारित माँ की सीख- बाल सुलभ रोज माँ टोकती है सुधारो इसे। दोष तूने किया है निहारो इसे।।[...]

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