आऍं गुरु से तिलक लगा लें आऍं गुरु से तिलक लगा लें, काली छाया दूर भगा लें, बीत गई गर्मी[...]
Category: बाल कविता
अपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठकअपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठक
अपना हमें समर्पण दे दो – बाल कविता कूद कूदकर आते बच्चे। कुछ सहमें इठलाते बच्चे।। कहना चाह रहे कुछ[...]
मंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत – राम किशोर पाठकमंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत – राम किशोर पाठक
मंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत बच्चों कभी न रोना, हिम्मत कभी न खोना। मंजिल तुझे पुकारे, थककर[...]
सावन आया वर्षा आई- अमरनाथ त्रिवेदीसावन आया वर्षा आई- अमरनाथ त्रिवेदी
सावन आया वर्षा आई सावन आया वर्षा आई , खेलें हम सब भाई भाई । खेतों में नव हरियाली छाई[...]
दीनानाथ भोलेनाथ – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’दीनानाथ भोलेनाथ – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
दीनानाथ भोलेनाथ संत जन आठों याम, रोज जपते हैं नाम, सावन में मंदिरों में, होता जयकारा है। चढ़ता है बेलपत्र,[...]
दादा जी की शान निराली – अमरनाथ त्रिवेदीदादा जी की शान निराली – अमरनाथ त्रिवेदी
दादा जी की शान निराली दादा जी की बात कहूँ क्या , लगते कितने प्यारे हैं । एक हाथ में[...]
भागो-भागो पानी आया – राम किशोर पाठकभागो-भागो पानी आया – राम किशोर पाठक
भागो-भागो पानी आया – बाल गीत सबको यह भींगोने आया। भागो-भागो पानी आया ।। देखो बादल गरज रहा है। लगे[...]
लाख दुआएँ देती है – राम किशोर पाठकलाख दुआएँ देती है – राम किशोर पाठक
लाख दुआएँ देती है भूल अगर हो जाती हमसे, नौ दो ग्यारह भी हो जाते। दौड़ धूप हम इतना करते,[...]
हम सुंदर भविष्य बनाएँ- अमरनाथ त्रिवेदीहम सुंदर भविष्य बनाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी
हम सुंदर भविष्य बनाएँ जहाँ कहीं भी सीख अच्छे मिलते हों , उसे जरूर अपनाएँ । अपने भारत देश को[...]
सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका – राम किशोर पाठकसहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका – राम किशोर पाठक
सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका आओ मिलकर देश सजाएँ। जन-मानस को पाठ पढाएँ।। सभी भेद का[...]
