फागुन का महीना आया, रंगों का त्योहार लाया। खुशियों का बौछार छाया, अपनो का प्यार पाया । लाल, गुलाबी,हरा,पीला, जब रंगों में रंग मिला। हर चेहरे पर मुस्कान खिला, मिलकर…
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अजी आई होली-राम किशोर पाठक
अजी आई टोली, सरस सहसा रंग भरने। कहे आई होली, विरह मन के दु:ख हरने।। जगाए भावों को, मधुर अति प्यारी धुन सदा। बनाए रंगों से, अजब मतवाली मुख अदा।।…
होलिका दहन – मनु कुमारी
आओ हम सब मिलकर होलिका दहन मनायें। अधर्म पर धर्म की जीत का पताका लहरायें। छल प्रपंच को निज मन से मि टाकर, नवप्रभात का सुंदर संदेश जन मन तक…
भीग गई श्यामा सारी-एस.के.पूनम
होली आई होली आई, रंग सारे साथ लाई, नीर भी रंगीन हुआ,भीग गया अंग है। कीचड़ उछाल रहे, करते वबाल रहे, कहाँ माने रुके नहीं,मन में उमंग है। ढोल तासे…
होली-धीरज कुमार
रंगों से सजी, बसंत की मादक हवाओं में महकती, हर आंगन में खुशियों की इंद्रधनुषी छटा बिखेरती रंगों का अनुपम पर्व — होली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। इस…
फाग में कुछ बोलिए-राम किशोर पाठक
राज दिल का खोलिए। फाग में कुछ बोलिए।। लाल सबके गाल हैं। रंग शोभित भाल हैं।। शोखियाँ है नैन में। जागते सब रैन में।। रूप सबने नव गढ़ा। भंग जैसा…
दिखा जो मीत चुन लेती-एस.के.पूनम
घनी-सी है चिकुर काली, न भीगे हैं पलक तेरी। गुलाबी रंग गालों का, अधर पर है हँसी मेरी। छिपाई जो दिखा दे तुम, कहा प्रिय को इशारे में। अपरिचित राह…
होली-भवानंद सिंह
राधा संग नंदलाल, खेले रंग व गुलाल, रंगों का त्योहार होली, खुशी से मनाइए। सबको गले लगाना, करें न कोई बहाना, कुत्सित मानसिकता,मन से मिटाइए। होली है त्योहार ऐसा, मन…
होली-गिरीन्द्र मोहन झा
भक्त प्रह्लाद की रक्षा में होलिका का हुआ दहन, पर्व होली का तब से ही जाना जाता है आरंभन, लोग खेलते हैं जमकर मिट्टी, रंग, गुलाल, अबीर, मन-आत्मा हो जाता…
श्याम मोहे रंग दे-राम किशोर पाठक
फाग में नव ढंग दे। श्याम मोहे रंग दे।। आज श्यामा बोल दी। राज दिल की खोल दी।। फाग में भी मौन क्यों। रास करके गौन क्यों।। खेलता जाने कहाँ।…