छोड़ पुष्पों की सेज सुहानी जो काँटों का बिस्तर अपनाए कर्मपथ पर सतत चलकर जो सबका पथ प्रदर्शक बन जाए[...]
Author: madhukumari
कौन हूं मैं -बेबी अर्चना कौन हूं मैं -बेबी अर्चना
अन्तर्मन में चल रहे , असंख्य द्वन्द्व को देखती स्त्री पूछती है खुद से एक सवाल , कौन हूँ मैं[...]
थाली का इतराना-उमेश कुमार सिन्हा निर्देशक थाली का इतराना-उमेश कुमार सिन्हा निर्देशक
श्रावण की पूर्णिमा देख, थाली चाँद पर इतराती है— “देखो, कैसा चाँद मेरा शक्ल बनाया है!” राखी के त्योहार पर[...]
रक्षाबंधन- रत्ना प्रियारक्षाबंधन- रत्ना प्रिया
दृढ़ विश्वास के प्रतीक प्रेम का पर्व है यह रक्षाबंधन , रक्षा का संकल्प निराला भाई-बहन का पर्व पावन ।[...]
वृक्ष-बेबी अर्चनावृक्ष-बेबी अर्चना
वसुंधरा का ये करते श्रृंगार ईश्वर प्रदत्त अनमोल उपहार प्राणवायु हम सब को देते उनसे ही है जीवन आधार शीतल[...]
बचपन-बेबी अर्चना बचपन-बेबी अर्चना
अनायास ही आज मुझे स्मृत हो आया बचपन नैनों से अश्रु छलक पड़े कर याद वो सुनहरा क्षण रोम-रोम हर्षित[...]
खेल का मेला-कार्तिक कुमारखेल का मेला-कार्तिक कुमार
3:30 से खेला होगा, बैट-बॉल का मेला होगा। दूसरा और तीसरा का मैच, नहीं करेंगे आपस में बैच। मिल-जुलकर सब[...]
फटकार से संस्कार – उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘फटकार से संस्कार – उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘
जो डाँट पड़ी, वह मस्तिष्क में आट गई, इसे अपने दिल में न लगाओ। मूर्तिकार के पत्थर से पूछो— क्या[...]
स्वतंत्रता-भवानंद सिंह स्वतंत्रता-भवानंद सिंह
स्वतंत्रता के पावन, अवसर हम सब, उल्लास पूर्वक और खुशी से मनाते हैं। याद करेंगे बीरों को, जिसने दी कुर्बानी[...]
स्वाधीनता-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”स्वाधीनता-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
जब घोषणा हुई स्वाधीनता का हर मन प्रफुल्लित हो आया था । खुशियों से झूमे उठे भारतवासी सैकड़ों वर्षों बाद[...]
