वो रावण था, क्योंकि वसुधा को शापित कर अधिकार किया। गंधर्व, यक्ष पर क्या कहना, देवों पर अत्याचार किया। वो[...]
Author: madhukumari
आइए, हनुमान जी का ध्यान धरें -उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘आइए, हनुमान जी का ध्यान धरें -उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘
श्रीराम के अनन्य सेवक हनुमान ! आइए, हम हनुमान का ध्यान धरें, नतमस्तक होकर उनसे आशीर्वाद माँगें। बल, बुद्धि, विद्या[...]
शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर शब्द-शिल्प: वाक्य भेद-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
पदों के सार्थक मेल से, ‘वाक्य’ जनम लेता है, भावों और विचारों को, जो पूर्ण रूप देता है। इसके भेदों[...]
शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार शब्द के आठ भेद -कार्तिक कुमार
आओ बच्चों! ज्ञान बढ़ाएँ, कविता गाकर भेद बताएँ। संज्ञा नाम बताती है, राम-श्याम की पहचान कराती है। सर्वनाम संज्ञा की[...]
सामर्थ्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसामर्थ्य-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
शारीरिक ढांचा नारी का, पर भीतर तेज पुरानी है, विजयादशमी का पर्व कहे, वह साक्षात भवानी है। दिखते नहीं हैं[...]
स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत: स्वच्छता से ही सुंदरता-पुनम कुमारीस्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत: स्वच्छता से ही सुंदरता-पुनम कुमारी
स्वच्छता का दीप जलाएँ, भारत को सुंदर बनाएँ। गली-गली और गाँव-गाँव में, स्वच्छता का अलख जगाएँ॥ न गंदगी हम फैलाएँगे,[...]
स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारीस्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारी
स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का, होता सुंदर वास। स्वास्थ्य रहे तो जीवन में, जगती नई मिठास॥ सुबह-सुबह जब सूरज[...]
उलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरउलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
गणित की दो धाराएँ: ल.स. और म.स. गणित नगर के दो हैं भाई, दोनों ने अद्भुत महिमा पाई। एक ढूँढता[...]
पेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ -मृत्युंजय कुमारपेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ -मृत्युंजय कुमार
आओ, हम सब पेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ। हरियाली फैलाएँगे, पर्यावरण को स्वच्छ बनाएँगे। एक-एक पेड़ लगाना है, धरती[...]
अद्भुत कारखाना – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अद्भुत कारखाना – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
है उलझन बड़ी विकराल, समझ न पाया इसको कोई, इस छोटे से पेट में देखो, कैसी जादूगरी है सोई।[...]
