स्वच्छ रहेंगे, स्वस्थ रहेंगे। मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे। घर-आँगन साफ़ बनाएँ। कूड़ा कभी नहीं फैलाएँ। विद्यालय सुंदर चमकाएँ। सबको स्वच्छता[...]
Author: madhukumari
मिट्टी मॉडलिंग-कार्तिक कुमारमिट्टी मॉडलिंग-कार्तिक कुमार
मिट्टी से सुंदर रूप बनाएँ। नई-नई कलाएँ अपनाएँ। हाथी, घोड़ा, फूल बनाएँ। गुड़िया, दीपक खूब सजाएँ। छोटे-छोटे खिलौने गढ़ें। मिलकर[...]
कचरा पृथक्करण- कार्तिक कुमारकचरा पृथक्करण- कार्तिक कुमार
गीला-सूखा कचरा बाँटें। स्वच्छता की राह को थामें। हरा डिब्बा, नीला डिब्बा। सही जगह पर डालें कचरा। प्लास्टिक अलग, कागज़[...]
शिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमारशिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमार
शिक्षक तुम सृजन हो, ज्ञान की अमर निशानी हो, शिक्षक तुम विनाश की अकथ कहानी हो। अज्ञान के अंधेरों का[...]
“एक आह” – स्मिता ठाकुर“एक आह” – स्मिता ठाकुर
मन ने चाहा बस इतना, कोई अपना इतने पास रहे। दो मीठे से बोल कहे, थोड़ा-सा विश्वास रहे। लेकिन सूनी[...]
गाय-कार्तिक कुमारगाय-कार्तिक कुमार
गाय हमारी माता है, सबसे प्यारी, सबसे न्यारी। दूध, दही और घी देकर, करती जीवन की रखवाली। सीधी-सादी, शांत स्वभाव[...]
एक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमारएक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमार
एक छोटा बच्चा था, मन से बड़ा सच्चा था। नन्हे-नन्हे उसके सपने, आँखों में उजियारा था। मीठी उसकी प्यारी बोली,[...]
विजय पताका-बिंदु अग्रवालविजय पताका-बिंदु अग्रवाल
मेहनत करने वालों को मिलती मंज़िल की राहें। मंज़िल स्वागत-गान करे, फैलाकर अपनी बाँहें। जिसने अपना बना पसीना, लहू बहाया[...]
मंजिल की तलाश-मुन्नी कुमारी मंजिल की तलाश-मुन्नी कुमारी
मंजिल की तलाश हैं, सपनो की आश है। राह भी कितनी कठिन है, फिर भी, मन में विश्वास है। समय[...]
बिंदु अग्रवाल-ऐ लड़कियों सुनोबिंदु अग्रवाल-ऐ लड़कियों सुनो
ऐ लड़कियों सुनो…! तुम खुद अपनी पहचान बनो, तुम खुद अपना अरमान बनो, न ढूँढ़ो कहीं किनारा तुम, तुम खुद[...]
