Author: madhukumari

RAMPAL SINGH ANJAN

माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

0 Comments 9:28 am

जन्म देकर कह रही माँ,पूज लो भगवान को। लग गया आघात पल में,आज तो “अनजान”को।। कर लिया ऐसा अगर मैं,छोड़कर[...]

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Ram Kishore Pathak

कविता और कवि – राम किशोर पाठक कविता और कवि – राम किशोर पाठक 

0 Comments 8:50 am

मैं वही शब्द का शिल्पकार हूँ। काव्य में भाव का चित्रकार हूँ।। छंद कविता बनी खास संगिनी। हर रही चित[...]

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प्यारी लीची-कार्तिक कुमारप्यारी लीची-कार्तिक कुमार

0 Comments 8:43 am

तू है मीठी, रस से भरी, प्यारी-प्यारी लीची, गर्मी में ठंडक पहुँचाती, सबको लगती अच्छी। हरे पत्तों के बीच चमकती,[...]

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Ram Kishore Pathak

भजन से परम धाम पाइए – राम किशोर पाठक भजन से परम धाम पाइए – राम किशोर पाठक 

0 Comments 8:25 pm

सहज नाम बस राम गाइए। भजन से परम धाम पाइए।। सहज पाप करते हुए कभी। हृदय ताप धरते हुए कभी।।[...]

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Ram Kishore Pathak

पुस्तक -राम किशोर पाठक पुस्तक -राम किशोर पाठक 

0 Comments 8:21 pm

जबसे मैंने प्रीत लगाई। हर मुश्किल का हल है पाई।। गर्वित जिससे मेरा मस्तक। क्या सखि? साजन! न सखी! पुस्तक।।०१।।[...]

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