होली का रंग – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

होली का रंग मनहरण घनाक्षरी छंद फाल्गुन महीना आया तन-मन हर्ष छाया, वृंदावन में होली का,दौर चहुंओर है। हिरनी सी चले चाल चुनरी पहन लाल, गोपियों के अंग लगा, रंग…

दिखता उल्लास है- एस.के.पूनम

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 मनहरण घनाक्षरी अमिया की डाली पर, कान्हा बैठे छुपकर, राधारानी ढ़ूंढ रहीं,सखियाँ उदास है। रंगों का त्योहार आया, चहूँओर हर्ष लाया, बाल-सखा दौड़ पडा़,मिलन भी खास है।…

रंगोत्सव जीवन राग- सुरेश कुमार गौरव

प्रियवर! रंगोत्सव आई है सुख में भी हंसना दुख को भूल जाना जी भरके जीवन तराने गाना रंगोली बन खुद को बहलाना प्रियवर! रंगोत्सव आई है जीवन राग सुनाने आई…

पहली होली-संजीव प्रियदर्शी

शादी के उपरान्त फाग में, मैं पहुँचा प्रथम ससुराल। जूता पतलून थे विदेशी, सिर हिप्पी कट बाल। ससुराल पहुंचते साली ने मधुर मुस्कान मुस्काई। हाथ पकड़ कर खींची मुझको फिर…

होली में-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

मनहरण घनाक्षरी छंद रंगों का त्योहार आया, खुशियां अपार लाया, आपस की बैर भूल, गले मिलें होली में। गली-गली मचा शोर, खुशी छाई चहुं ओर, बाल, वृद्ध, युवा रंग- खेलें…

होली के रंग खुशियों के संग -विवेक कुमार

फागुन की बयार लाए मौसम की फुहार, उदास मन में लाए नवीनता की बहार , सूने चमन में छाए उमंगों की खुमार, अनकहे रिश्तों में लाए बेहतरीन निखार, टूटे दिलों…