केवट कथा आएँ निर्मल कथा सुनाएँ। भक्तों का हम मान बढ़ाएँ।। राम कथा में ध्यान लगाएँ। मनहर सुखद शांति नित पाएँ।। नाविक था गरीब वह केवट। नौका गंगा करता खेवट।।…
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
गुरु-मनोज कुमार मिश्र
गुरु गुरु तुम्हारे नाम की, महिमा क्या समझाय। समझने की समझ भी, गुरु तुम्हीं से आय।। गुरु बिन ज्ञान मिले नहीं, प्रकट न होवे भाव। गुरु ही अक्षर ज्ञान दे,…
जय गंगा मैय्या-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
जय गंगा मैय्या हर हर गंगे, नमामि गंगे। पतितपावनी, मोक्षदायिनी गंगे। भगीरथ के तपोबल से गंगा, वैकुण्ठ छोड़ धरा पर आई। महादेव के जटा में समाकर, निर्मल धार धरा पर…
गुरु का वंदन-विवेक कुमार
गुरु का वंदन मिट्टी को प्रभु ने आकार दिया दिया जीवन का वरदान मां ने नौ महीने गर्भ में ढोकर दिया जीवन जीने का सम्मान परिवार ने पाल पोसकर बड़ा…
देश उनको नमन करेगा-मनु कुमारी
देश उनको नमन करेगा भारत माँ का अनोखा लाल, अद्भुत और अनुपम थे जिसके भाल। स्वतंत्रता संग्राम के थे महानायक, साहस शौर्य के थे वह परिचायक। युवाओं के वह थे…
मेरा भारत-मनोज कुमार मिश्र
मेरा भारत है बहुत खुबसुरत ये देश हमारा, चहुँ ओर दिखता है अद्भुत नजारा। बना भाल कश्मीर, ढका बर्फ से है, चरण को पखारे तामिलनाडु प्यारा। है बहुत खुबसुरत…….. एक…
प्रार्थना-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
प्रार्थना स्वर की देवी माँ सरस्वती वाणी मधुरिम कर देना। भक्ति भाव से आया हूँ मैं गीतों में रस, भर देना।। भाव पुष्प माँ लेकर आया और क्या माँ, चढ़ाऊँ…
नटखट कान्हा-अनुज कुमार वर्मा
नटखट कान्हा मन चंचल साँवला तन, जिनको करता सब नमन। उनको गौ से है मीत, बाँसुरी वादन में है प्रीत। बात अनोखी रखते हैं, ज्ञान की बातें करते हैं।…
मां नर्मदा-अपराजिता कुमारी
मां नर्मदा पुण्यसलिला मेकलसुता शिवसुता, चिरकुंआरी मां नर्मदा उद्गम हुई मध्य प्रदेश, अमरकंटक अनूपपुर से मां नर्मदा। पर्वतराज मैखल की पुत्री पुण्यदायिनी मां नर्मदा का जन्मदिवस प्रतिवर्ष माघ शुक्ल सप्तमी…
सरस्वती वंदना-मनोज कुमार मिश्र
सरस्वती वंदना जय शारदे, जय शारदे, जय शारदे, जय शारदे, दे ज्ञान का वरदान, औऱ अज्ञानता से तार दे।। जय शारदे……।। हम मुढ़ है, अज्ञानी है, अज्ञानता की खान है,…