श्यामली सूरत की मैं दीवानी-चॉंदनी झा

श्यामली सूरत की मैं दीवानी मनमोहन तू गिरिधर, मन को लुभाते हो, यशोदा का लल्ला, नंद का गोपाला, देवकीनंदन, वासुदेव कहलाते हो।।  पूतना का दूध पिया, दानवों को मारा, और…

जन्मभूमि-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

जन्मभूमि जन्मभूमि की पावन स्मृति खत्म कभी मत होने दें। नील गगन से देख विहग नीड़ कभी न खोने दें।। देश-भक्ति की सलिला में नित मिलजुल हम स्नान करें। मन…

माँ शारदे-अवनीश कुमार

माँ शारदे माँ शारदे हम करे तेरी वंदना दया करना हम करे तेरी आराधना। विद्या की तू है अधिष्ठात्री करे तेरी वंदना दिवा व रात्रि। शुद्धता का प्रतीक है तेरी…

दो ऐसा अचूक वरदान-विजय सिंह नीलकण्ठ

दो ऐसा अचूक वरदान हे प्रभु हमको ज्ञान प्राप्ति का  दो ऐसा अचूक वरदान  हर पल हर क्षण ज्ञान प्राप्त हो  विनती करता हूंँ भगवान। ज्ञान पिपासा कभी न कम…

प्रीत जहां की रीत सदा-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”

प्रीत जहां की रीत सदा है प्रीत जहां की रीत सदा मैं यही बताने आया हूं इस मिट्टी में मैं पला बढ़ा इसी से सम्मान पाया हूं।  जहां के ज़र्रे-ज़र्रे…

शांति के फरिश्ते हैं हम-ब्रम्हाकुमारी मधुमिता

शांति के फरिश्ते हैं हम शांति सागर की संतान हैं, हम खुशियों भरा है, जीवन हरदम शांति के प्रकंपन, फैलाएं हम शांति के फरिश्ते हैं, हम।  खुश रहना और खुशी…

पूजन की थाल सजाएँ-दिलीप कुमार गुप्त

पूजन की थाल सजाएँ  आशाओं के नवदीप सजाकर अन्तर्मन उत्साह उमंग जगाएँ अटूट श्रद्धा विश्वास जगाकर समर्पण भाव शीश झुकाएँ आओ ! पूजन की थाल सजाएँ।  पावन अन्तस सुमन खिलाकर…

मेरा बिहार-विजय सिंह नीलकण्ठ

मेरा बिहार मेरा बिहार प्यारा बिहार न दूजा इस जैसा संसार यहाँ मिले भरपूर प्यार एक बार नहीं हजारों बार।  अड़तीस जिले हैं इसकी सान जिससे है इसकी पहचान हम…

वैभवशाली बिहार-लवली वर्मा

वैभवशाली बिहार 22 मार्च 1912 को पृथक होकर, पाया बिहार ने अपना अस्तित्व। 109 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, अतीत हज़ार वर्षों से रहा समृद्ध। समृद्ध संस्कृति, जीवंत परंपरा, भूमि अत्यंत…

निराला बिहार-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

निराला बिहार सदा गर्व से कहता हूँ मैं, भू बिहार की प्यारी है। सकल देश सारी दुनिया में, अद्भुत शान हमारी है।। जन्मभूमि राजेन्द्र, कुँवर की, लगती बहुत निराली है।…