स्वतंत्रता-मनोज कुमार दुबे

स्वतंत्रता जननी जन्म भूमिश्च जो स्वर्ग से भी प्यारी है। वीर शिवा, राणा की यह पुण्य भूमि हमारी है।। मंगल पांडेय कुँवर सिंह तात्या झाँसी की रानी। लड़ा गया संग्राम…

हमारे तिरंगे का क्या कहना-मधुमिता

हमारे तिरंगे का क्या कहना हमारे तिरंगे का क्या कहना भारत माता का यह गहना चक्र सिखाता हमें निरंतर चलते रहना श्वेत रंग जैसे सच्चे रहना हरियाली से सदा भरपूर…

राष्ट्र हित का भाव जगे-विनय कुमार

राष्ट्रहित का भाव जगे मन अर्पण मेरा तन भी अर्पण राष्ट्र रक्षार्थ हो जाऊँ कण-कण प्राण जाए पर बोले ह्रदय तरंग मातृधरा का न हो पाए भंजन भाव यहीं जग…

स्वर्ग से सुंदर देश हमारा-कुमकुम कुमारी

स्वर्ग से सुंदर देश हमारा स्वर्ग से सुंदर देश हमारा जहाँ बहती निर्मल गंगा जल धारा हिमालय जिसके शीश मुकुट सजाए सागर जिसके चरण धुलाए ऋषि मुनियों ने अपने तप…

स्वातंत्र्य कुसुम-दिलीप कुमार गुप्ता

स्वातंत्र्य कुसुम अति पावन शुभ मंगल वेला आर्यावर्त मुक्ति स्वर्णिम दिवस चतुर्दिक छायी हरियाली निस्सिम प्रखर धवल व्योम अनवरत प्रगति छंद गुंजन अंतस छटा स्वच्छ चक्र महान सत्य अहिंसा अहर्निश…

हमारा हिन्दुस्तान-अश्मजा प्रियदर्शिनी

हमारा हिन्दुस्तान प्रकृति की अनुपमा से सजा एक ऐसा जहान है ! जहाँ तृण-तृण वन शस्य और खेत खलिहान है ! राम-सीता कृष्ण की धरती, जन्म लेते जहाँ भगवान है…

स्वतंत्रता दिवस-कुमकुम कुमारी

स्वतंत्रता दिवस हजारों कुर्बानियाँ देकर यह आजादी हमने है पाई भारत माँ की रक्षा करने की कसमें हमने है खाई। फैला रखी है माएँ अपने आँचल को सीमाओं पे भारत…