राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक आया यह दिन खास, करना है अहसास, जनवरी पाँच आज,[...]
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गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
भारत की चुनावों में धन की है बोलबाला, पैसे से ही आज यहांँ, होती जीत- हार है। अधिकांश लोग एक [...]
तुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरातुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरा
गीततुम मुझको नारी रहने दोअपनी अधिकारी रहने दो ।। सत्ता का लोभ नहीं मुझकोन दौलत की ही चाहत है पैरों [...]
मन:स्थिति…बैकुंठ बिहारीमन:स्थिति…बैकुंठ बिहारी
मन चंचल है द्रुतगामी है,अकल्पनीय है इसकी स्थिति,कभी व्यथित कभी विचलित,अबूझ है इसकी स्थिति,कभी आत्मकेंद्रित, कभी पराश्रित,अबोधगम्य है इसकी स्थिति,कभी[...]
ऐ जिंदगी – रश्मि मिश्राऐ जिंदगी – रश्मि मिश्रा
ऐ जिंदगी जिसे तुझे जीना आ गया उसके लिए तू सरल बहुत है ,पर उनके लिए तू कठिन बहुत है,[...]
बचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठकबचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठक
बच्चे मिलकर जश्न मनाए। धमा चौकड़ी धूम मचाए।। अनुपम हर क्षण है जीवन का। सफर सुहाना है बचपन[...]
भावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वराभावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वरा
हां,मैं भावुक ही तो हूंतभी तो सह नहीं पातीहल्की सी भी चोट,फिर चाहे वो शरीर पर हो या कि लगे[...]
वंदनवार सजे शारदा – कुंडलिया छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’वंदनवार सजे शारदा – कुंडलिया छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
पेड़ लगा मां के नाम से, होंगे जग में नाम। उनके ही नेपथ्य में, पाना चिर विश्राम।। पाना चिर विश्राम,[...]
निःशब्द सौंदर्य – बिंदु अग्रवालनिःशब्द सौंदर्य – बिंदु अग्रवाल
वह अनुपम अद्वितीय यौवना सिर पर पत्थरों का भार लिए एक हाथ से अपने आँचल को संभालती। हिरनी सी सजल[...]
शिक्षा सुलभ बनाना- राम किशोर पाठक शिक्षा सुलभ बनाना- राम किशोर पाठक
विद्यालय कार्यभार लेकर, हैं खोये। कागज में जैसे उलझ गए, हैं रोये।। शिक्षा के नव अंकुर मन में, जो बोये।[...]
