भारतीय रेल और मेरी वाराणसी की यात्रा ये रेल भी यार मजेदार होती है मानो तो पूरा हिंदुस्तान होती है[...]
Category: Manoranjak
एक गिलहरी-निधि चौधरीएक गिलहरी-निधि चौधरी
एक गिलहरी बड़े पेड़ पर एक गिलहरी, उसे बुलाते सभी सुनहरी। जन्म जब यह लेती है, आँखों से अंधी होती[...]
बैंगन की सगाई-निधि चौधरीबैंगन की सगाई-निधि चौधरी
बैंगन की सगाई बैंगन ने धूम धूम शादी रचाई, दुल्हन बन के भिंडी है आई। नाचे करेला और अदरक भाई[...]
दिवाली-निधि चौधरीदिवाली-निधि चौधरी
दीवाली चंचल वन में मनी दीवाली, घनी अंधेरी रात थी काली। चंपू खरगोश दिमाग लड़ाया, जुगनू की टोली बुलवाया। जगमग[...]
एक सपेरा-निधि चौधरीएक सपेरा-निधि चौधरी
एक सपेरा देखो देखो आया है एक सपेरा, आंगन के बाहर है डाला डेरा। ठुमक ठुमक के नाचे नागिन, बीन[...]
चंदा मामा-मधु कुमारीचंदा मामा-मधु कुमारी
चंदा मामा देखो बच्चों निकला आसमां में चंदा मामा लगता देखो कितना प्यारा देती अपनी शीतल छाया तारों का वो[...]
कागज की नैया-गिरिधर कुमारकागज की नैया-गिरिधर कुमार
कागज की नैया इतनी प्यारी सुंदर कितनी ये मेरी कागज की नैया टिप टिप वर्षा रानी बरसे खूब मटकती मेरी[...]
चंचल वन में कवि सम्मेलन-निधि चौधरीचंचल वन में कवि सम्मेलन-निधि चौधरी
चंचल वन में कवि सम्मेलन चंचल वन में मची है अफरा तफरी, चींटी हाथी खेल रहे पकड़ा पकड़ी। कबूतर काका[...]
दिनों के नाम-निधि चौधरीदिनों के नाम-निधि चौधरी
दिनों के नाम सोमवार को चले स्कूल मंगलवार खिल गए फूल। बुधवार को आई नानी, गुरुवार हम सुने कहानी। शुक्रवार[...]
क्रिकेट-निधि चौधरीक्रिकेट-निधि चौधरी
क्रिकेट जंगल में बंदर जी बोले चलो आज क्रिकेट खेलें। सबने इसमे सहमती जताया अंपायर हाथी को बनाया। बैटिंग करने[...]
