पहला पग-नितेश आनन्द

पहला पग आया तो था खाली हाथ हीं वो, लेकिन उम्मीदों से भरा पड़ा था वो। एक सिकन जरूर थी चेहरे पर उसके, क्या घर की ममता मिल पाएगी यहां…

हे वसुधा तूझे शत शत प्रणाम-नरेश कुमार “निराला”

हे वसुधा तूझे शत-शत प्रणाम भू, भूमि, क्षिति, धरणी, धरित्रि ये सब धरा के पर्यायवाची नाम, वसुंधरा से हमें मिलती है जीवन वेदों ने माना इसे माँ के समान हे…

माँँ-संध्या राय

माँ माँ है ममता, माँ है प्यार। माँ है जीवन का आधार। माँ से ही है जीवन, माँ है जीवनदायिनी। आँखों में माँ, बातों में माँ, रुधिरों में माँ बहती…

अतुल्य रिश्ता-विजय सिंह नीलकण्ठ

अतुल्य रिश्ता माता होती है अतुल्य  जिसे जानती दुनिया सारी  अतुल्य रिश्ता है इनसे  जो कहलाती माता प्यारी। सबसे पहले अनुभव करती  फिर शुरू करती रखवाली  स्व रक्त से सिंचित…

गुर्जर भूमि गुजरात-अपराजिता कुमारी

गुर्जर भूमि गुजरात पश्चिमी भारत में स्थित भारत का एक राज्य गुजरात 12वीं सदी तक गुर्जरत्रा के नाम से गुर्जरों द्वारा रक्षित, गुर्जर भूमि थी गुजरात। 1 मई 1960 को…

मॉं-प्रियंका कुमारी

मॉं छोटे-छोटे कदमों से चलना तू हमें सिखलाती, खुद पीछे रहकर, आगे हमें बढ़ाती, जब मैं छोटी थी तब तू बिस्तर पर अकेली छोड़ जाती, तुझे आसपास न देखकर, मैं…

वसुंधरा-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

वसुंधरा वसुंधरा सदा पावन बने बहे हृदय ऐसा विचार। हरी-भरी नित इसे बनाकर करें हम जीवन साकार।। इस धरा पर शस्य जब उगते मिलती हैं खुशियाँ अपार। रखें नहीं कलुषित…