हमारी संस्कृति की पहचान गंगा मैं हूँ गंगा, भारतीय संस्कृति की पहचान कैसे व्यक्त करूं मैं अपनी व्यथा खो रही[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
दादा और पोते के संवाद-दिलीप गुप्ता ‘दीप’दादा और पोते के संवाद-दिलीप गुप्ता ‘दीप’
दादा और पोते के संवाद दादा यहां तू कैसे आए, कौन ले आया तुमको। तुम बिन रहे उदास सदा, क्या[...]
मैं प्रचण्ड प्रबला हूँ-मनु कुमारीमैं प्रचण्ड प्रबला हूँ-मनु कुमारी
मैं प्रचण्ड प्रबला हूँ मैं अबला नहीं ! प्रचण्ड प्रबला हूँ। मैं ब्रह्मचारिणी और पतिव्रता, कहो शिव की वामांगी या[...]
ईश्वर का वरदान है बेटी-ब्यूटी कुमारीईश्वर का वरदान है बेटी-ब्यूटी कुमारी
ईश्वर का वरदान है बेटी बेटी हूं तो क्या हुआ क्यों करते हो भेदभाव? मुझे धरा पर आने दो अवसर[...]
एक बेटी के मन की व्यथा-सुरेश कुमार गौरवएक बेटी के मन की व्यथा-सुरेश कुमार गौरव
एक बेटी के मन की व्यथा हे समाज के कर्णधार! सदियों से मुझे पढ़ने की मनाही है लिंगभेद और भेदभाव[...]
वल्लभ भाई पटेल-अश्मजा प्रियदर्शिनीवल्लभ भाई पटेल-अश्मजा प्रियदर्शिनी
वल्लभ भाई पटेल जिनकी प्रतिभा से गौरवान्वित देश हमारा हिन्दुस्तान। ऐसे प्रखर वो राजनेता, जननायक थे वो महान। अपने कृतित्व[...]
नारी-सोनी कुमारी कुशवाहानारी-सोनी कुमारी कुशवाहा
नारी नारी सृष्टि का आधार। नारी से ही है जगत का कल्याण।। नारी बिना सूना है, ये सारा संसार। बिना[...]
पेड़-पौधे हैं जरुरी-सुरेश कुमार गौरवपेड़-पौधे हैं जरुरी-सुरेश कुमार गौरव
पेड़-पौधे हैं जरुरी धरती पर पेड़-पौधे को हमेशा ही उगाईए जीवन पारिस्थितिक तंत्र को भी बचाईऐ ! 🌲 देते फल-फूल,[...]
दिनकर की धड़कन-कुमारी निरुपमादिनकर की धड़कन-कुमारी निरुपमा
दिनकर की धड़कन परिवेश गुलामी शोषण का दौर अशिक्षा और अंधविश्वास का त्राण दिलाने आए दिनकर जी यहां अपने संवेगधर्मी[...]
रिश्तों का मेला-मनु कुमारीरिश्तों का मेला-मनु कुमारी
रिश्तों का मेला सबसे सुंदर, सबसे मनहर, होता यह रिश्तों का मेला, मिलजुल कर सब हँसते-गाते, प्यार बाँटते जश्न मनाते,[...]
