नर और नारी एक समान आओ करें हम सृष्टि का सम्मान मिलकर बढायें एक दूजे का मान नर और नारी एकसमान परमात्मा के हैं हमसब संतान आओ करें उनकी महान…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
जीवन गाथा-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
जीवन गाथा आओ हम सब मिलकर जग में पुनीत कार्य करें। अपने कर्म कृतार्थ से हम सफलता की सोपान चढ़े।। मानव जीवन है हमने पाई इसका भी हम भान करें।…
टीका महोत्सव-लवली वर्मा
टीका महोत्सव चलो टीका महोत्सव मनाएं, 45 वर्ष से ऊपर सभी लगाएं। प्रधानमंत्री जी की है अपील, टीका लगवाएं स्व शरीर। कोविड टीकाकरण अत्यंत जरूरी, मास्क, सफाई दो गज की…
पढ़ना है-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
पढ़ना है हमको भी अब पढ़ना है, जीवन में आगे बढ़ना है। बाधाओं के मेले हैं, नित्य नये झमेले हैं। आलस्य का जंजीर काटकर, हिम शिखर पर चढ़ना है। जीवन…
विद्यालयी बच्चेे-मुकेश कुमार
विद्यालयी बच्चे यह बच्चे, प्यारे बच्चे, हमारे बच्चे, जब सुबह विद्यालय आते हैं, विद्यालय प्रांगण खिल जाता है, वातावरण सुंदर हो जाता है। जब हम प्यार से पढ़ाते हैं, बच्चे…
पुस्तक से प्यार-धीरज कुमार
पुस्तक से प्यार आओ चलें पुस्तक के पास पुस्तक से हम कर ले प्यार। अच्छी-अच्छी बातें सीखे चित्र भरी कविता कहानी पढ़ते। मन लगता खो जाते हम पुस्तक पढ़े न…
शांति-दिलीप कुमार गुप्त
शांति यह जग परमपिता की माया नश्वर काया तनिक विचार करें परस्पराश्रयी अनमोल जीवन सबका समुचित सम्मान करें। दुराग्रह गहन तिमिर से निकल स्वर्णिम आभा चहुंओर करें अहर्निश सत्य पथ…
शिक्षा का स्वरूप-चंचला तिवारी
शिक्षा का स्वरूप शिक्षक शिक्षण और शिक्षा नए स्तर से करनी होगी समीक्षा पांडेमिक के इस दौर में हम सबको रखनी होगी दृढ़ इच्छा। बाल मन के मनोभाव कर रहे…
प्रकृति का आंचल-बीनू मिश्रा
प्रकृति का आंचल प्रकृति में अपना आंचल कर दिया हम पर बलिहार, पर हमने बन स्वार्थी कर दिया आंचल को तार-तार, आओ हम सब पेड़ बचाएँ, नित नए पेड़ लगाएं,…
हे मानव-भवानंद सिंह
हे मानव हे मानव, ईश्वर तुम्हें बनाया किस लिए, जगत का तुम कल्याण करो, तुम्हारा जन्म हुआ इसलिए। हे मानव, तुम अपनी शक्ति को पहचानो, ईश्वर के तुम उत्तम संतान…