Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

शिक्षा व्यवस्था कैसी हो-स्वाति सौरभशिक्षा व्यवस्था कैसी हो-स्वाति सौरभ

0 Comments 6:17 pm

शिक्षा व्यवस्था कैसी हो? कैसी हो शिक्षा व्यवस्था? करते हैं आज हम चर्चा, न कठोर सजा का प्रावधान हो, न[...]

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साइकिल की सवारी- नरेश कुमार “निराला”साइकिल की सवारी- नरेश कुमार “निराला”

0 Comments 11:47 pm

साइकिल की सवारी दो पहिये की अनोखी सवारी हर बच्चे को लगती है प्यारी, अनपढ़-ज्ञानी इसे सभी चलाते होती न[...]

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Vijay

न हो विकल-विजय सिंह नीलकण्ठन हो विकल-विजय सिंह नीलकण्ठ

0 Comments 10:22 am

न हो विकल गर कोई संकोच हो रुकना मुनाशिब पल दो पल कुछ समय पश्चात ही बाधाएँ स्वयं जाती निकल[...]

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Dhiraj

प्रकृति के साथ सीख-धीरज कुमारप्रकृति के साथ सीख-धीरज कुमार

0 Comments 7:50 am

प्रकृति के साथ सीख आज बताऊं मैं कुछ बात सीख भरी तुमको। किससे किससे सीख मिले जीवन में हमको। अगर[...]

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मच्छर से जीवन की सीख-विवेक कुमारमच्छर से जीवन की सीख-विवेक कुमार

0 Comments 12:25 pm

मच्छर से जीवन की सीख आओ सुनाऊं अपनी एक कहानी हूं मैं एक हाड़मांस का आदमी दिन भर नोटों की[...]

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माहवारी में स्वच्छता जरूरी-विजय सिंह नीलकण्ठमाहवारी में स्वच्छता जरूरी-विजय सिंह नीलकण्ठ

0 Comments 8:06 am

माहवारी में स्वच्छता जरूरी माहवारी शारीरिक क्रिया है  इसको तुम जानो बेटी  बारह वर्ष बाद हर बेटी को  बिल्कुल निश्चित[...]

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Anupama

प्रकृति-अनुपमा अधिकारी प्रकृति-अनुपमा अधिकारी 

0 Comments 12:06 pm

प्रकृति जब जब करोगे प्रकृति से छेड़छाड़, तब तब होगा सुन लो पृथ्वी पर नरसंहार! पेड़, पहाड़, नदियां सुंदर इससे[...]

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