मजदूर सुख और सुविधा से जो कोसों रहते दूर हैं। ग़रीबी की चक्की में पिसते दुनिया में मजदूर हैं।। अपने[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
ज्योतिर्मय चिंतन-दिलीप कुमार गुप्तज्योतिर्मय चिंतन-दिलीप कुमार गुप्त
ज्योतिर्मय चिंतन साँसों संग युद्धरत जीवन चहुं ओर कराहती दुनिया गमगीन शोर नियति संग संघर्षरत जिन्दगी हौसले के बल मिलती[...]
प्रभात-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्रभात-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
प्रभात हम प्रभात की दिव्य किरण बन जग को राह दिखाएँगे। वसुधा कलियाँ नई खिलाकर महक सदा बिखराएँगे।। तिमिर सदा[...]
जीवन का संघर्ष-भवानंद सिंहजीवन का संघर्ष-भवानंद सिंह
जीवन का संघर्ष बदहवास सी हो गई है जिन्दगी गुमसुम सा रहना तन्हाई में सिसकियाँ लेना, लगता है ऐसे मानो[...]
कहर कोरोना का-बीनू मिश्राकहर कोरोना का-बीनू मिश्रा
कहर कोरोना का मानव जिसे आजमाता रहा अब तक, शायद सृष्टि ने आज मानव को आजमाया है, बेकल, बेबस, कैद[...]
एक कवि की सोच-अशोक प्रियदर्शीएक कवि की सोच-अशोक प्रियदर्शी
एक कवि की सोच एक कवि की सोच अद्भुत, विश्वसनीय, अकल्पनीय है। कवि तो मस्तमौला है, इसे मानो या न[...]
पर्यावरण-अशोक कुमारपर्यावरण-अशोक कुमार
पर्यावरण पृथ्वी वीरान पड़ी, विकट समस्या खड़ी। स्वयं एक एक पेड़, आप भी लगाइए।। पेड़ों की कटाई रोकें, बर्षा इसी[...]
बस महफ़ूज रहना-अमृता सिंहबस महफ़ूज रहना-अमृता सिंह
बस महफ़ूज रहना हम सारी चढ़ाइयाँ चढ़ लेंगे हम सारी लड़ाइयां लड़ लेंगे हम लिख लेंगे फिर से इतिहास मेरे[...]
कोरोना से बचाव-आँचल शरणकोरोना से बचाव-आँचल शरण
कोरोना से बचाव कुदरत पर जो हमनें ढाया कहर है, आज कोरोना उसी का असर है। हवाओं में फैला ऐसा[...]
हाँ मैं मजदूर हूँ-डॉ अनुपमा श्रीवास्तवाहाँ मैं मजदूर हूँ-डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा
हाँ मैं मजदूर हूँ जिम्मेदारी के “जुऐ” को कांधे पर लेकर ढ़ोता हूँ, सम्मान की रोटी की खातिर मैं मजदूर[...]
