Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

Jainendra

मजदूर-जैनेन्द्र प्रसाद रविमजदूर-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:09 am

मजदूर सुख और सुविधा से जो कोसों रहते दूर हैं। ग़रीबी की चक्की में पिसते दुनिया में मजदूर हैं।। अपने[...]

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ज्योतिर्मय चिंतन-दिलीप कुमार गुप्तज्योतिर्मय चिंतन-दिलीप कुमार गुप्त

0 Comments 10:45 am

ज्योतिर्मय चिंतन  साँसों संग युद्धरत जीवन चहुं ओर कराहती दुनिया गमगीन शोर नियति संग संघर्षरत जिन्दगी हौसले के बल मिलती[...]

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प्रभात-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्रभात-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 12:32 pm

प्रभात हम प्रभात की दिव्य किरण बन जग को राह दिखाएँगे। वसुधा कलियाँ नई खिलाकर महक सदा बिखराएँगे।। तिमिर सदा[...]

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Bhawanand

जीवन का संघर्ष-भवानंद सिंहजीवन का संघर्ष-भवानंद सिंह

0 Comments 10:32 am

जीवन का संघर्ष  बदहवास सी हो गई है जिन्दगी गुमसुम सा रहना तन्हाई में सिसकियाँ लेना, लगता है ऐसे मानो[...]

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कहर कोरोना का-बीनू मिश्राकहर कोरोना का-बीनू मिश्रा

0 Comments 7:47 am

कहर कोरोना का मानव जिसे आजमाता रहा अब तक, शायद सृष्टि ने आज मानव को आजमाया है, बेकल, बेबस, कैद[...]

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एक कवि की सोच-अशोक प्रियदर्शीएक कवि की सोच-अशोक प्रियदर्शी

0 Comments 12:01 pm

एक कवि की सोच एक कवि की सोच  अद्भुत, विश्वसनीय, अकल्पनीय है। कवि तो मस्तमौला है, इसे मानो या न[...]

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Ashok

पर्यावरण-अशोक कुमारपर्यावरण-अशोक कुमार

0 Comments 11:04 am

पर्यावरण पृथ्वी वीरान पड़ी, विकट समस्या खड़ी। स्वयं एक एक पेड़, आप भी लगाइए।। पेड़ों की कटाई रोकें, बर्षा इसी[...]

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Amrita Singh

बस महफ़ूज रहना-अमृता सिंहबस महफ़ूज रहना-अमृता सिंह

0 Comments 9:49 am

बस महफ़ूज रहना हम सारी चढ़ाइयाँ चढ़ लेंगे हम सारी लड़ाइयां लड़ लेंगे हम लिख लेंगे फिर से इतिहास मेरे[...]

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Dr. Anupama

हाँ  मैं मजदूर हूँ-डॉ अनुपमा श्रीवास्तवाहाँ  मैं मजदूर हूँ-डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा

0 Comments 12:01 pm

हाँ  मैं मजदूर हूँ जिम्मेदारी के “जुऐ” को कांधे पर लेकर ढ़ोता हूँ, सम्मान की रोटी की खातिर मैं मजदूर[...]

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