पौध लगाएँ चलो सभी जन पौध लगाएँ वन महोत्सव आया है हरियाली फैलाने हेतु बस एक मौका आया है। बारिश[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
चेतावनी-संजीव प्रियदर्शीचेतावनी-संजीव प्रियदर्शी
चेतावनी अभी जाकर अहसास हुआ है अपनी औकात एक अदना-सा विषाणु अपनी गिरफ्त में ले लेने को उतारु है उस[...]
दीपक-नूतन कुमारीदीपक-नूतन कुमारी
दीपक मनन-चिंतन करों बच्चों, यह दीपक कैसे जलता है, फ़िज़ा को यह करें रौशन, तले अंधेरा रहता है। हरेक मौसम,[...]
हे वसुधा तूझे शत शत प्रणाम-नरेश कुमार “निराला”हे वसुधा तूझे शत शत प्रणाम-नरेश कुमार “निराला”
हे वसुधा तूझे शत-शत प्रणाम भू, भूमि, क्षिति, धरणी, धरित्रि ये सब धरा के पर्यायवाची नाम, वसुंधरा से हमें मिलती[...]
उन्मुक्त गगन-मनु कुमारीउन्मुक्त गगन-मनु कुमारी
उन्मुक्त गगन श्रृष्टि के सभी प्राणियों को भाता है स्वतंत्र रहना, पशु हो या पक्षी सभी चाहते हैं उन्मुक्त गगन[...]
वृक्ष लगाओ-मधु कुमारीवृक्ष लगाओ-मधु कुमारी
वृक्ष लगाओ वृक्ष लगाओ, वृक्ष लगाओ जीवन अस्तित्व के लिए ऑक्सीजन के श्रोत बढाओ पर्यावरण को ही नहीं अपितु मानव[...]
कोरोना का संकेत-लवली कुमारीकोरोना का संकेत-लवली कुमारी
कोरोना का संकेत हाहाकार मचा है दुनिया में मेरे नाम का खौफ डर-डर कर जी रहे सभी बंद हो गया[...]
रुमाल-लवली वर्मारुमाल-लवली वर्मा
रुमाल एक चीज़ बड़ी कमाल, नाम इसका है रुमाल। कपड़े का टुकड़ा चौकोर, जेब-पर्स में रखते लोग। उद्देश्य एक व्यक्तिगत[...]
मजदूर-जैनेन्द्र प्रसाद रविमजदूर-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मजदूर सुख और सुविधा से जो कोसों रहते दूर हैं। ग़रीबी की चक्की में पिसते दुनिया में मजदूर हैं।। अपने[...]
ज्योतिर्मय चिंतन-दिलीप कुमार गुप्तज्योतिर्मय चिंतन-दिलीप कुमार गुप्त
ज्योतिर्मय चिंतन साँसों संग युद्धरत जीवन चहुं ओर कराहती दुनिया गमगीन शोर नियति संग संघर्षरत जिन्दगी हौसले के बल मिलती[...]
