बेटी की शिक्षा वो उड़ती है पंख फैलाकर, आसमान छूना ख्वाब है उसका। वो चलती है, आत्मविश्वास से भरकर, हर[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
दोहे-अशोक कुमारदोहे-अशोक कुमार
दोहे जब चीता तीन कदम पिछे की ओर जावे, बयालिस हाथ छलांग लगावे। जब तक चीता खड़ा है बचने का[...]
पढ़ना है-अशोक प्रियदर्शीपढ़ना है-अशोक प्रियदर्शी
पढ़ना है पढ़ने का काम जिसने शुरू किया अति उत्तम सबों को है विद्या दिया। पढ़ाई ही मानव का असली[...]
अविरत बढ़े सदा ही जीवन में-अर्चना गुप्ताअविरत बढ़े सदा ही जीवन में-अर्चना गुप्ता
अविरत बढ़े सदा ही जीवन में अविरत बढ़े सदा ही जीवन में, क्या पाया आज विचार करें। अंतस के दिव्य[...]
नभ के ये नन्हें तारे-कुमारी अनु साहनभ के ये नन्हें तारे-कुमारी अनु साह
नभ के ये नन्हें तारे नभ के ये नन्हें तारे मोतियों के जैसे प्यारे। होता नहीं अलगाव इनमें रहते बनाकर[...]
चम्पारण की दास्तान-कुमारी निरुपमाचम्पारण की दास्तान-कुमारी निरुपमा
चम्पारण की दास्तान सन 1917 की चम्पारण की दास्तान सुनो सुनो सुनो ऐ दुनिया वालों गांधी का अभियान सुनो। गांधी[...]
हे कौवे-डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’हे कौवे-डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
हे कौवे कौवे की थी पढ़ी कहानी, समझी न थी कैसा पानी। कंकड़ कैसे पानी लाये, कौवे ने पी ली[...]
समय का सदुपयोग-विजय सिंह नीलकण्ठसमय का सदुपयोग-विजय सिंह नीलकण्ठ
समय का सदुपयोग समय होत बलवान जो जाने सारा सकल जहान करे समय का सदुपयोग वो बन जाते हैं महान। [...]
और फिर कोरोना-गिरिधर कुमार और फिर कोरोना-गिरिधर कुमार
और फिर कोरोना यह क्या कसौटियां खत्म नहीं होती! कितनी बार कितनी परीक्षाएं कितनी उदासियां कौन सी सीमायें हैं इसकी[...]
पौधेे-प्रीति कुमारीपौधेे-प्रीति कुमारी
पौधे पौधे के हम पाँच अंग, जड़, तना, पत्ती, फूल और फल। जड़ पौधों को पानी देता, तना पत्तियों तक[...]
