Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

खाना पचता पेट मेंं-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्याखाना पचता पेट मेंं-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 5:23 pm

खाना पचता पेट में खूब चबाओ मुँह हिलाओ, सन जाये अब लार में। पाचन शुरू कराए टाईलिन , गले के[...]

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हर जंग जीते हैं जीतेंगे इसे-संजीव प्रियदर्शीहर जंग जीते हैं जीतेंगे इसे-संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 5:55 pm

हर जंग जीते हैं जीतेंगे इसे वक्त के मिजाज को यूं भांप रखो घर से बाहर‌ चेहरा ढांक रखो। अभी[...]

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Naresh

नन्हीं गौरैया-नरेश कुमार “निराला”नन्हीं गौरैया-नरेश कुमार “निराला”

0 Comments 10:47 am

नन्हीं गौरैया भूरे रंग की कुछ गौरैया हमारे घर में रहती है, सुबह-सवेरे उठकर वो चीं-चीं चूँ-चूँ करती है। उसकी[...]

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Madhumita

नारी-ब्रह्मकुमारी मधुमिता सृष्टिनारी-ब्रह्मकुमारी मधुमिता सृष्टि

0 Comments 11:15 am

नारी शिव शक्ति का रूप है नारी सहनशक्ति की परिभाषा है नारी प्रेम की मूरत है नारी। घर को स्वर्ग[...]

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स का दंभ-विवेक कुमारस का दंभ-विवेक कुमार

0 Comments 9:37 am

स का दंभ एक संकट है आया भैया, देता एक संकेत……… इसकी संगति संपर्क स्पर्श, कर रहा संहार सर्वनाश, संक्रमित[...]

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Lovely

औरों में अच्छाई देखें-लवली वर्माऔरों में अच्छाई देखें-लवली वर्मा

0 Comments 11:34 am

औरों में अच्छाई देखें औरो में अच्छाई देखें, छिपी न कोई बुराई देखें। देखो औरों की अच्छाई, कैसा भी हो[...]

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