रिश्ता कभी सन्नाटे सा ख़ामोश कभी शोर मचाता ढ़ोल सा.. कभी कुसुमों का स्तवक कभी खिलता बसंत सा.. कभी मासूमियत से भरी कभी अनुरंजित हैं दम्भ सा.. कभी देता…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
हमारा जीवन-पंकज कुमार
हमारा जीवन जब हम होते छोटे घरों में लगता था जैसे कैद थे हम, बाहर की दुनिया देखी तो घर तो बिल्कुल मंदिर जैसा। जब हम रहते छोटे गांवो में…
अटल विहारी वाजपेयी-रीना कुमारी
अटल विहारी वाजपेयी भारत के प्रधान मंत्री आप थे अटल, जिन्हें करते है हम नमण। भारत भाग्य विधाता आप थे। जो लाये देश में शांति और अमन। तेरी ख्याति…
माँ मुझको भी पढ़ने दो ना-विजय सिंह नीलकण्ठ
माँ मुझको भी पढ़ने दो ना माँ मुझको भी पढ़ने दो ना बहुत हो चुका काम खेत में नौ बजता दिख रहा घड़ी में स्कूल समय से जाने दो ना …
परिवार-प्रकाश प्रभात
परिवार जिसकी नीति व नज़रिया होगी खराब ! वो परिवार और दुनियाँ से होगा दुराज़ !! देखें परिवार में हुआ क्या, कल और आज, आखिर बच्चे ही तो हैं इसके…
यह एहसास कर-नरेश कुमार निराला
यह एहसास कर माता-पिता, गुरूजनों की आशीष से जगत में सब इम्तिहान पास कर, प्रकृति परमेश्वर की है असीम कृपा ध्यान साधनाओं से यह एहसास कर। लक्ष्य निर्धारित कर आगे…
अटल बिहारी वाजपेयी-नूतन कुमारी
बिहारी वाजपेयी स्वतंत्र भारत के दसवें प्रधानमंत्री वो थे, नाम था जिनका, अटल बिहारी वाजपेयी, हिंदी कवि, पत्रकार व प्रखर वक्ता भी थे, उनकी शख्सियत से लुभायी दुनिया सारी। आजीवन…
दुनियाँ कितनी नश्वर है- एम एस हुसैन कैमूरी
दुनियाँ कितनी नश्वर है ये दुनियाँ कितनी खूबसूरत है कण कण में समाहित मूरत है कोई गोरा है तो कोई काला है ये ईश्वर की बनाई हुई सूरत है। …
उठो आँसू न बहाओ-कुमकुम कुमारी
उठो आँसू न बहाओ उठो, आँसू न बहाओ गम को गले लगाओ सुख – दुःख हैं जीवन के दो पहिए इसके साथ चलते जाओ। उठो, आँसू न बहाओ……. अगर आज…
सर्दी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
सर्दी चुपके-चुपके आती सर्दी, सबको बहुत सताती सर्दी। अमीरों को यह ख़ूब है भाती, गरीबों को यह बहुत सताती। आग की थोड़ी गर्मी पाकर, छिपकर दुम दबाती सर्दी। अमीरों को…