प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ बाबा औघड़ दानी धतूरा के फूल गंगा जल पर रीझते हो, तभी तो औघड़ दानी, कहलाते भोलेनाथ। राजा-रंक तुझे प्यारा, तूने सभी को है…

हनुमान -रामकिशोर पाठक

हनुमान- कहमुकरी संग कभी भय नहीं सताता। साहस मुझमें भी उपजाता।। शंका का करता समाधान। क्या सखि? साजन! न सखि! हनुमान।।०१।। सबसे ज्यादा है बलशाली। तन पर डाले फिरता वाली।।…

मानवता -बैकुंठ बिहारी

मानवता दूसरों का सम्मान, करने का नाम है मानवता। परिजनों का सत्कार, करने का नाम है मानवता। याचक की याचना, सुनने का नाम है मानवता। कष्ट से जूझते की, मदद…

विदाई -नीतू रानी

विषय -विदाई। शीर्षक -पच्चीसवाँ साल केअ होय येअ विदाई। पच्चीवाँ साल केअ होय येअ विदाई, गाबू समदाउन हे दाई माई। बहुत घर में देलक सुख बहुत घर में देलक दुःख,…

नव वर्ष -मनु कुमारी

नववर्ष पर प्रार्थना हे प्रभु इस नववर्ष में हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि – संसार के समस्त चर -अचर प्राणी सुखी हों सभी निरोग रहें। हमारी अज्ञान रूपी अन्धकार…

नव वर्ष -हर्ष नारायण

विषय-नववर्ष प्रेषक-हर्ष नारायण दास फारबिसगंज,अररिया, बिहार नववर्ष तेरा अभिनन्दन है। बड़े-बुजुर्गों का वन्दन है। नववर्ष आपके जीवन में नव स्वर भर दे। नव गति ,नवलय नव लहर भर दे। सुभाष…