कुंडलिया। गौ-हत्या को रोकना, प्रश्न उठा फिर यक्ष। माता जिसको कह रहे,करना रोको भक्ष।। करना रोको भक्ष,दिलाकर माँ का दर्जा।[...]
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नवतपा -एस के पूनमनवतपा -एस के पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी विषय:-(नवतपा) आग बरसाते रवि, बढ़ रहे तापमान, तपती है धरातल,मुरझाया फूल है। चहुँओर वनराई, अनगिनत[...]
नारी -रामकिशोर पाठकनारी -रामकिशोर पाठक
नारी- मत्तमयूर छंद गीत वर्णिक २२२२, २११-२२१-१२२ मैं नारी हूंँ, प्रेम दया की अवतारी। गंगा जैसी, पावन हूँ कल्मषहारी।। मैं[...]
धूप से तन मन जले हैं -रामपाल प्रसाद सिंहधूप से तन मन जले हैं -रामपाल प्रसाद सिंह
मनोरम छंद 2122 2122 धूप से तन-मन जले हैं। लाल-पीले फल ढले हैं।। सर्व सुंदर बाग प्यारा। राहगीरों का सहारा।।[...]
अर्द्धनारीश्वर रत्ना प्रियाअर्द्धनारीश्वर रत्ना प्रिया
अर्द्धनारीश्वर शिव-उमा के कल्पित रूप, अर्द्धनारीश्वर है, प्रकृति है समष्टि में अधिष्ठाता अधीश्वर है । स्नेहमयी दो नयन, एक रसमयी[...]
अनुलोम विलोम -कार्तिक कुमारअनुलोम विलोम -कार्तिक कुमार
अनुलोम विलोम कभी कार्तिक कुमार मध्य विद्यालय कटरमाला गोरौल वैशाली 7004318121 kartikyog.kumar@gmail.com अनुलोम-विलोम करो रे भाई, तन-मन में भर जाए[...]
लू और प्रणायाम-कार्तिक कुमारलू और प्रणायाम-कार्तिक कुमार
लू और प्राणायाम प्रस्तुति कार्तिक कुमार मध्य विद्यालय कटरमाला गोरौल वैशाली 7004318121 लू चली है धूप में, सूरज आग उगलाए,[...]
छुट्टियां रामपाल प्रसादछुट्टियां रामपाल प्रसाद
विधा-मुक्तक आ-सार छंद विषय-छुट्टियाँ अब तो ढिग में जून महीना,सूरज है गरमाया, छुट्टी भी हो गई हमारी,वक्त करो मत जाया।[...]
मुस्कान -रामकिशोर पाठकमुस्कान -रामकिशोर पाठक
मुस्कान – उल्लाला छंद गीत दशरथ नंदन मुख सखी, मंद-मंद मुस्कान है। आओ उनसे पूछकर, दिल मेरा अनजान है।। नैना[...]
मानव के सहयोगी बनें -कार्तिक कुमारमानव के सहयोगी बनें -कार्तिक कुमार
मानव के सहयोगी बने कार्तिक कुमार की प्रस्तुति 100 में 80 आदमी, जग में हुए कठोर, स्वार्थ की इस भीड़[...]
