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RAMPAL SINGH ANJAN

गौ हत्या को रोकना -रामपाल प्रसाद सिंहगौ हत्या को रोकना -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 12:45 pm

कुंडलिया। गौ-हत्या को रोकना, प्रश्न उठा फिर यक्ष। माता जिसको कह रहे,करना रोको भक्ष।। करना रोको भक्ष,दिलाकर माँ का दर्जा।[...]

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S K punam

नवतपा -एस के पूनमनवतपा -एस के पूनम

0 Comments 12:41 pm

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी विषय:-(नवतपा) आग बरसाते रवि, बढ़ रहे तापमान, तपती है धरातल,मुरझाया फूल है। चहुँओर वनराई, अनगिनत[...]

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Ram Kishore Pathak

नारी -रामकिशोर पाठकनारी -रामकिशोर पाठक

0 Comments 12:37 pm

नारी- मत्तमयूर छंद गीत वर्णिक २२२२, २११-२२१-१२२ मैं नारी हूंँ, प्रेम दया की अवतारी। गंगा जैसी, पावन हूँ कल्मषहारी।। मैं[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

धूप से तन मन जले हैं -रामपाल प्रसाद सिंहधूप से तन मन जले हैं -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 12:32 pm

मनोरम छंद 2122 2122 धूप से तन-मन जले हैं। लाल-पीले फल ढले हैं।। सर्व सुंदर बाग प्यारा। राहगीरों का सहारा।।[...]

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Ratna Priya

अर्द्धनारीश्वर रत्ना प्रियाअर्द्धनारीश्वर रत्ना प्रिया

0 Comments 2:46 pm

अर्द्धनारीश्वर शिव-उमा के कल्पित रूप, अर्द्धनारीश्वर है, प्रकृति है समष्टि में अधिष्ठाता अधीश्वर है । स्नेहमयी दो नयन, एक रसमयी[...]

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अनुलोम विलोम -कार्तिक कुमारअनुलोम विलोम -कार्तिक कुमार

0 Comments 2:38 pm

अनुलोम विलोम कभी कार्तिक कुमार मध्य विद्यालय कटरमाला गोरौल वैशाली 7004318121 kartikyog.kumar@gmail.com अनुलोम-विलोम करो रे भाई, तन-मन में भर जाए[...]

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लू और प्रणायाम-कार्तिक कुमारलू और प्रणायाम-कार्तिक कुमार

0 Comments 2:30 pm

लू और प्राणायाम प्रस्तुति कार्तिक कुमार मध्य विद्यालय कटरमाला गोरौल वैशाली 7004318121 लू चली है धूप में, सूरज आग उगलाए,[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

छुट्टियां रामपाल प्रसादछुट्टियां रामपाल प्रसाद

0 Comments 2:27 pm

विधा-मुक्तक आ-सार छंद विषय-छुट्टियाँ अब तो ढिग में जून महीना,सूरज है गरमाया, छुट्टी भी हो गई हमारी,वक्त करो मत जाया।[...]

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Ram Kishore Pathak

मुस्कान -रामकिशोर पाठकमुस्कान -रामकिशोर पाठक

0 Comments 2:22 pm

मुस्कान – उल्लाला छंद गीत दशरथ नंदन मुख सखी, मंद-मंद मुस्कान है। आओ उनसे पूछकर, दिल मेरा अनजान है।। नैना[...]

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मानव के सहयोगी बनें -कार्तिक कुमारमानव के सहयोगी बनें -कार्तिक कुमार

0 Comments 2:17 pm

मानव के सहयोगी बने कार्तिक कुमार की प्रस्तुति 100 में 80 आदमी, जग में हुए कठोर, स्वार्थ की इस भीड़[...]

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