यह अंग्रेजी का जमाना है, हम हिन्दी के दिवाने हैं। होता समाज का नवीनीकरण, और हमारे ख्याल पुराने हैं।।[...]
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राष्ट्रधर्म निभाती हिन्दी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”राष्ट्रधर्म निभाती हिन्दी – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”
हिंदी! संस्कृत की जाई, देवनागरी लिखाई, स्वर व्यंजन वर्ण, सब से बन है पाई। हिंदी ! सुपाठ्य और सुलेख्य, कुछ[...]
हिन्दी हमारी शान है- सुरेश कुमार गौरवहिन्दी हमारी शान है- सुरेश कुमार गौरव
हिन्दी हमारी शान है, हिन्दी है पहचान, संस्कृति का अभिमान, हिन्दी का गान। मिट्टी की खुशबू में रचती यह[...]
दुश्मनी कभी न पालिए- अमरनाथ त्रिवेदीदुश्मनी कभी न पालिए- अमरनाथ त्रिवेदी
अगर दोस्त किसी के बन न सके, तो दुश्मनी भी किसी से न पालिए। ईर्ष्या, द्वेष, घृणा की आग [...]
दोहावली- रामकिशोर पाठकदोहावली- रामकिशोर पाठक
किसके मन में क्या यहॉं, जान सका कब कोय। कोई दुख से रो रहा, कोई सुख में रोय।। उलझन[...]
कुछ नवीन सृजन करो- कुमकुम कुमारीकुछ नवीन सृजन करो- कुमकुम कुमारी
त्यागकर व्यग्रता को अब तुम, मनन करना शुरु करो। कठिन परीक्षा अभी बहुत है, मन को तुम धीर करो।[...]
बहती शीतल मंद बयार- अमरनाथ त्रिवेदीबहती शीतल मंद बयार- अमरनाथ त्रिवेदी
देखो मौसम यह कैसा आया है, सर्द हवा संग लाया है। प्रकृति के अनमोल पलों में, जीवन का राग सुनाया[...]
सर्द हवा- रामकिशोर पाठकसर्द हवा- रामकिशोर पाठक
कुहासा बाहर गहरा है सर्द हवा का पहरा है। कुछ नहीं पड़ती है दिखाई बच्चों तुम न करो ढिठाई[...]
सत्य-पथ के जीवन रचयिता – सुरेश कुमार गौरवसत्य-पथ के जीवन रचयिता – सुरेश कुमार गौरव
शिक्षक कहलाते ज्ञान रचयिता अनुशासन के होते नियम संहिता। कहलाते हर प्रश्नों के हलकर्ता, सत्य-असत्य के निर्णयकर्ता। जीवन में[...]
अनमोल जीवन – डॉ स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”अनमोल जीवन – डॉ स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”
क्या हुआ जो सिंह गर्जन कर रहे अंजान पथ में, क्या हुआ जो शूल अग्नि की दहक है नव[...]
