पीली-पीली सरसों की बगिया, लहराए खेतों में नव अभिलाषा। पतझड़ की उदासी को छोड़कर, लाया वसंत हर्ष की परिभाषा। प्रकृति[...]
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नवजीवन संचार- अपराजिता कुमारीनवजीवन संचार- अपराजिता कुमारी
शीत शरद की हो रही विदाई धरती मानो ले रही अंगड़ाई ऋतुराज की हो रही अगुवाई प्रकृति बसंती रंग में[...]
वीणा की झंकार – रत्ना प्रियावीणा की झंकार – रत्ना प्रिया
प्रकृति के मनोहर आँगन में, वसंत की बहार है, वागेश्वरी के वीणा की, गूँजती झंकार है। श्वेत पद्म व श्वेत[...]
पढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदीपढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदी
नित पढ़ने को स्कूल चलें हम, किसी बात पर नहीं लड़ें हम। जीवन में खुशियाँ भरने को, नित बस्ता लें[...]
मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक
वीणा रखती हाथ में, सुर संगीत साथ में, जीवन में आनंद हो, भाव रस पीजिए। मॉं तेरी हंस सवारी, लगती[...]
सरस्वती वंदना – सुरेश कुमार गौरवसरस्वती वंदना – सुरेश कुमार गौरव
वीणा वादिनी, ज्ञान की देवी, माँ शारदे, करूँ मैं अर्पण। बुद्धि, विवेक, नीति की ज्योति,तेरे चरणों में समर्पण॥ बालक बनें[...]
बापू सदा अमर रहेंगे – सुरेश कुमार गौरवबापू सदा अमर रहेंगे – सुरेश कुमार गौरव
सत्य अहिंसा का था नारा, जिसने भारत को सँवारा। बापू के दृढ़ संकल्पों से, फूटा स्वाधीनता की धारा। चलते थे[...]
Time: Ramkishor PathakTime: Ramkishor Pathak
Time is money Keep it is palm Taste as honey Have peace and calm Who fail to go with it[...]
प्रभु तेरा ठिकाना कहाँ- संजय कुमारप्रभु तेरा ठिकाना कहाँ- संजय कुमार
प्रभु मैं परेशान,थके हाल हूँ क्योंकि तेरी दिल से आराधना करता हूँ पर तुझे कहाँ ढूढूँ ये तो बता अपनी[...]
दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
गौरव का यह है दिवस, भारत का गणतंत्र। समरसता का भाव ही, दिव्य मूल है मंत्र।। भारत प्यारा देश है,[...]
