छायावाद के शिखर कवि

छायावाद के शिखर कवि जयशंकर प्रसाद जयंती विशेष कविता भावों की सरिता बनकर, शब्दों में प्राण बसाए। छायावाद के शिखर कवि, प्रसाद हुए कहलाए। आँसू, कामायनी, झरना, काव्य-जगत की अमर…

दोहे -रामकिशोर पाठक

दोहे हर्षित होकर आज हम, मना रहे गणतंत्र। भाई जैसा प्रेम हो, जन-गण-मन का मंत्र।। भारत माँ के शान में, नभ में ध्वज उल्लास। यह समृद्धि सुख शांति की, जग…

तिरंगा हमारी शान है -नीतू रानी

शीर्षक- तिरंगा हमारी शान है। दिन -सोमवार तीन रंग का मेरा झंडा कितना सुन्दर प्यारा है, इसको वीर सपूतों ने मिलकर इसे संवारा है। देखो ऊपर लहर रहा है आसमान…

26 जनवरी -नीतू रानी

विषय -छब्बीस जनवरी। शीर्षक -सखी हम झंडा फहरेबै हे। एलै छब्बीस जनवरी केअ त्योहार, सखी हम झंडा फहरेबै हे। झंडा फहरेबै गणतंत्र दिवस मनेबै , गेबै हम जन गण मन…

खामोशी रुचिका

खामोशी जब बोलना बेअसर होने लगे तो रास आने लगी खामोशी। खामोशी जो थी अपने में समेटे न जाने कितनी बातें कितने अरमान,कितनी चाहतें कितनी शिकायतें,कितनी मोहब्बतें। ख़ामोशी सदा ही…

गणतंत्र दिवस का उल्लास रामकिशोर पाठक

गणतंत्र दिवस का उल्लास- सरसी छंद गीत जब सबमें है उत्साह भरा, आ जाओ जी पास। ध्वज अपना फहराकर हम-सब, पाएँ कुछ उल्लास।। भला सभी का जिससे होता, वैसा हो…