जातिवाद तो कोढ़ है- दोहा छंद गीत
बना दिया शासन जिसे, लाइलाज सा रोग।
जातिवाद तो कोढ़ है, कहते ज्ञानी लोग।।
जाति पूछते रोज हैं, नियम बद्ध हर रोज।
फिर कहते यह दोष है, नवयुग का यह खोज।।
जहाँ जाति से ही चले, सरकारी उद्योग।
जातिवाद तो कोढ़ है, कहते ज्ञानी लोग।।०१।।
देकर शिक्षा दान हम, दिखलाते नव राह।
राजनीति से हो रहा, समता हर-पल स्याह।।
जहाँ योग्यता छोड़कर, जातिवाद दे भोग।
जातिवाद तो कोढ़ है, कहते ज्ञानी लोग।।०२।।
जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान।
इसपर चलकर बन रहे, लोग जहाँ नादान।।
सत्ता छोड़ें जाति जब, तब हो जाए सोग।
जातिवाद तो कोढ़ है, कहते ज्ञानी लोग।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978
