खुशियां लेकर लोहड़ी आई।
सबके मन उमंग है छाई।
सुख समृद्धि संग लेकर आती।
सबको प्रेम से गले लगाती।
पुराने फसल हैं काटे जाते।
साथ नये फिर बोये जाते।
अग्निदेव को खूब चढ़ाते।
फसलों का त्योहार मनाते।
नयी ऋतु को लेकर आए।
दुख का बादल छंटता जाए।
बच्चों की किलकारी लाती।
आशाओं के दीप जलाती।
गुड़ राबड़ी का मिठास लाती।
जीवन को खुशहाल बनाती।
युवाओं में नवचेतना भरती।
नफ़रत सबके मन से हरती।
आओ मिलकर नाचें गाएं।
सब मिलकर यह पर्व मनायें।
स्वरचित:-मनु कुमारी विशिष्ट शिक्षिका
प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी
राघोपुर सुपौल बिहार
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