बिना विचारे नहीं करें – अमरनाथ त्रिवेदी

बिना विचारे नहीं करें बिना   विचारे  नहीं  करें  जीवन  में कोई काम , ऐसा यदि नहीं  किया   तो  होगा  बुरा  अंजाम । देख सुनकर सोच बढ़ाएँ , विचारों में अव्वल…

हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठक

हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् भजेऽहम् पद पंकज सुंदरम्। हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम्।। त्रिविध ताप निवारण जायते। शरण शंभु मनोहर भायते। आदि अनादि सौम्य सुरेश्वरम्। हरि भजे शिव शंभु…

सुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद- राम किशोर पाठक

सुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद सुविधाएंँ सभी आज, सबको हैं प्यारे। मशीन बन गए लोग, एहसास मारे।। करते सभी आराम, श्रम सभी नकारे। स्वास्थ्य का बिगड़ा हाल, सब हैं बेचारे।।…

बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

बोल बम कहने लगा। आ गया सावन महीना, भाव में बहने लगा। त्याग ऑंचल का सहारा,बोल बम कहने लगा।। कौन लाया है यहाॅं पर, गुप्त है इस चित्र में। भाव…

भौतिक सुविधा और स्वास्थ्य- अमरनाथ त्रिवेदी

भौतिक सुविधा और स्वास्थ्य आज  होड़ लगी है  भौतिक  सुख सुविधा की , स्वास्थ्य के लिए कुछ दोस्त बने कुछ दुश्मन हैं ।   बुद्धि ही असल इसमें सही ज्ञान…

सुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत- राम किशोर पाठक

सुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत अपने हाथों से जीवन में, घोल रहा विष जान। सुख सुविधाओं के चक्कर में, आज पड़ा इंसान।। श्रम से बचता फिरता मानव,…

खुशी-खुशी हम पढ़ने जाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी

खुशी खुशी हम पढ़ने जाएँ खुशी खुशी हम पढ़ने   जाएँ, ध्यान से हम सब ज्ञान भी पाएँ। टोली बनाकर स्कूल को  जाएँ, पढ़ने में मन  खूब लगाएँ । शिक्षक की…

सच हो जाएँ सारे सपने – राम किशोर पाठक

सच हो जाएँ सारे सपने मुस्कान सजाकर होंठों पर, हरपल को जीना हम सीखें। आओं अपने कर्मों से अब, हम-सब अपनी किस्मत लिखें।। कुछ सीख पुरानी भी लेना है, कुछ…

आओ बच्चों खेलें खेल – अमरनाथ त्रिवेदी

आओ बच्चों खेलें खेल आओ   बच्चों   खेलें    खेल , सब  बच्चों  से  कर  लें  मेल । खेलकूद हमेशा  संयम  से   खेलें , कभी    न    इसमें   करें    झमेले ।…