आऍं गुरु से तिलक लगा लें- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

आऍं गुरु से तिलक लगा लें आऍं गुरु से तिलक लगा लें, काली छाया दूर भगा लें, बीत गई गर्मी की छुट्टी,पाबस आया खास महीना। ऐसा प्रेमिल भाव कहीं ना।।…

अपना हमें समर्पण दे दो- राम किशोर पाठक

अपना हमें समर्पण दे दो – बाल कविता कूद कूदकर आते बच्चे। कुछ सहमें इठलाते बच्चे।। कहना चाह रहे कुछ बच्चे। हो गए मौन फिर क्यों बच्चे।। आशाओं के दीप…

प्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ – अमरनाथ त्रिवेदी

प्रभु हम तुम्हें भुला न पाएँ सारी    उमरिया   जीवन   की , प्रभुजी  यूँ  ही  बीत   न जाए , कण कण में प्रभु आप बिराजें , प्रभु   हम  तुम्हें भुला   न …

गुरुवर वाले प्रेम से – अवतार छंद गीतिका- राम किशोर पाठक

गुरुवर वाले प्रेम से – अवतार छंद गीतिका झूम रहे सब संग में, कुछ आज कीजिए। गुरुवर वाले प्रेम से, भर हृदय लीजिए।। बच्चों का भी मन लगे, आ सके…

हे रामभक्त अंजनी नंदन- अमरनाथ त्रिवेदी

हे रामभक्त अंजनी नंदन हे रामभक्त   अंजनी  नंदन । हे अमित बल के तू निधान । तुम्हीं   तो   दुखहर्त्ता  हो । तुम्हीं तो पालनकर्त्ता हो ।। तुम सब पापों…

घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक

घट-घट वासी शिव संन्यासी – सरसी छंद गीत बैठे हैं भस्म लगा कैलाशी, करते बेड़ा पार। घट-घट वासी शिव संन्यासी, महिमा अपरम्पार।। महाकाल शंकर विश्वंभर, हर लेते हैं शोक। शरणागत…

समय – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘

समय/काल दोहे समय नहीं है छोड़ता,चाहे हो बलवान। युग आए ठहरे नहीं,थोड़े दिन की शान।। समय परख सज्जन चले,दुर्जन खोए मान। पार्थ लिए श्री कृष्ण से,दुर्योधन हतवान।। ठहरा जो सड़ता…

बारिश संग स्वास्थ्य – राम किशोर पाठक

बारिश संग स्वास्थ्य जब-जब भी बारिश आती है। संग समस्या भी लाती है।। ताल-तलैया भर जाते हैं। धूल‌ मार कीचड़ आते हैं।। सड़ना गलना भी होता है। बदबू भी फैला…

बारिश और स्वास्थ्य – अमरनाथ त्रिवेदी

बारिश और स्वास्थ्य बारिश का मौसम आ गया अब सुहाना , बरसता है   पानी ,   बरसता   फसाना । जिधर  देखें  उधर  पानी का नजारा , क्या हो  सड़क    हो क्या  अखाड़ा…