गुरु – रुचिका

गुरू अज्ञानता के गहन तिमिर से, ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाए। मन के भीतर के तमस मिटाकर, रोशनी चारों ओर पहुँचाए। गुरू के दिये ज्ञान से हमारा जीवन…

गुरु पूर्णिमा – मनु कुमारी

गुरु पूर्णिमा पावन दिन है आज का ,जन्म लिए ऋषि व्यास। तीन लोक नौ खंड में ,मानो हुआ उजास।। वेदों,की रचना किये,लिखे जगत का सार। कहती श्रीमद्भागवत, गुरु हैं अगम…

फिर संस्कृत अपनाइए – दोहावली – राम किशोर पाठक

फिर संस्कृत अपनाइए – दोहावली फिर संस्कृत अपनाइए, यह संस्कृति की जान। इस भाषा के अन्त: में, भरा पड़ा विज्ञान।।१।। अपनी संस्कृति बचाएँ, दे संस्कृत को मान। इसके अंदर है…

संस्कृतम् अहं पठामि – राम किशोर पाठक

संस्कृतम् अहं पठामि भाषायाम् जननी अहं नमामि। सखे! संस्कृतम् अहं पठामि।। ज्ञानं वा विज्ञानं वा सर्वे इव धार्यते। मानवोत्थानाय सुकृतं इव कार्यते।। उत्थानाय सर्वेषां इव अनुसरामि। सखे! संस्कृतम् अहं पठामि।।…

हम सुंदर भविष्य बनाएँ- अमरनाथ त्रिवेदी

हम सुंदर भविष्य बनाएँ जहाँ कहीं भी सीख अच्छे मिलते हों , उसे    जरूर    अपनाएँ । अपने भारत देश को हम , आसमाँ तक  पहुंचाएँ । शिक्षित होना बहुत जरूरी…

सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका – राम किशोर पाठक

सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका आओ मिलकर देश सजाएँ। जन-मानस को पाठ पढाएँ।। सभी भेद का त्याग करें हम। सबको सबसे गले लगाएँ।। होड़ मची बस…

बच्चों को निपुण बनाएंँगे हम- नीतू रानी

बच्चों को निपुण बनाएंँगे हम। बच्चा को निपुण बनाएंँगे हम, बदलेंगे जमाना, बच्चा को ——–२। बच्चा हमारा कल का भविष्य है बच्चों से भरा हुआ मेरा स्कूल है, बच्चों का…