हम भूल गये है शास्त्री को, सिर्फ गाँधी याद हमें आयें। दोनों का यह जन्मदिवस, आओ श्रद्धा सुमन चढ़ायें।।[...]
बापू जी – भोला प्रसाद शर्माबापू जी – भोला प्रसाद शर्मा
वीर बहादुर जन्मा देश में, जीता था वह श्वेत वेश में। सीधा सादा बिताते जीवन, भूला नहीं करते अपनापन। रंग[...]
सत्य के राही महात्मा गाँधी- अमरनाथ त्रिवेदीसत्य के राही महात्मा गाँधी- अमरनाथ त्रिवेदी
भारत के महाकाश में , एक नक्षत्र-सा बिंबित हुआ। सत्य अहिंसा का धीरव्रती वह, भूमंडल पर प्रतिबिंबित हुआ।। बचपन से[...]
विधाता छंद- एस. के. पूनमविधाता छंद- एस. के. पूनम
कहे गोविंद श्यामा से, मिलूँगा मैं अकेले में। कही राधा अनंता से, पडूँगी ना झमेले में। सदा से ही[...]
पेजर का भय- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’पेजर का भय- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
काग बोलता रहा डाल पर, क्या लिखा दुनिया के भाल पर? तेरे अस्तित्व पर मैं टिका हूॅं, तुझसे बहुत मैं[...]
खेल- रामकिशोर पाठकखेल- रामकिशोर पाठक
खेल-खेल कर बड़े हुए हम घुटनों से अब खड़े हुए हम। है इससे कुछ ऐसा नाता, बच्चे बूढ़े सभी[...]
जंगल में मंगल – मधु कुमारीजंगल में मंगल – मधु कुमारी
संग हरियाली के जी ले पल दो पल, करती सरिता जहाँ पग-पग कल-कल। मनहर-सी छटा छाई धरा पर हरपल,[...]
बेटी के मायने – अमरनाथ त्रिवेदीबेटी के मायने – अमरनाथ त्रिवेदी
बेटी है तो यह घर संसार है। बेटी है तो संबधों के आधार हैं।। बेटी है तो संबंधों में संचार [...]
राजू के घर चली मासी – अवनीश कुमारराजू के घर चली मासी – अवनीश कुमार
राजू के घर चली मासी बच्चों के लिए ली गरमा-गरम समोसे। रास्ते मे बंदर आया, झपटा थैला, ले गए[...]
इंद्रधनुष – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’इंद्रधनुष – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
नभ में इंद्रधनुष को देखो, कितना प्यारा लगता है। मन करता है इसको छू लें, सुंदर न्यारा लगता है।। प्रथम[...]
