अंधेरा था घनघोर, संतरी थे चहुँओर, माया ने बिछाई जाल, दानवों पर प्रहार। वेदना को भूल कर, पलना में[...]
हे मुरारी! अब लाज बचाओ- विवेक कुमारहे मुरारी! अब लाज बचाओ- विवेक कुमार
हे मुरारी! अब लाज बचाओ ये कैसी विपदा आन पड़ी, चहुंँओर अंधियारा छाया है, अपने ही बने भक्षकगण से, हे[...]
बच्चे और श्रीकृष्ण – रामकिशोर पाठकबच्चे और श्रीकृष्ण – रामकिशोर पाठक
कहते हैं लोग हैं कान्हा नहीं। मैं हूॅं कहता, तूने पहचाना नहीं।। कृष्ण जैसे यशोदा को थें लाडले, तू[...]
पालक रक्षक प्रभु श्रीकृष्ण- अमरनाथ त्रिवेदीपालक रक्षक प्रभु श्रीकृष्ण- अमरनाथ त्रिवेदी
तुम गीता के उपदेशक जग में, तुम नंद के राज दुलारे हो। तुम द्वारकाधीश बने प्रभु , तुम वसुदेव पुत्र[...]
श्री कृष्ण-चरित-माला- हर्ष नारायण दासश्री कृष्ण-चरित-माला- हर्ष नारायण दास
ॐ श्री पुरुषोत्तम स्वामी। सर्वातीत सर्वघट-गामी।। निर्गुण मायारहित अनन्ता। मायाधीश सगुण भगवन्ता।। परम दयामय लीलाधारी। पृथिवी-भार-हरन अवतारी।। भव-दुख-भंजन, दुष्ट-विनाशी। बन्दीगृह[...]
उठो बेटियों, अब तुम जागो- मधु कुमारीउठो बेटियों, अब तुम जागो- मधु कुमारी
उठो बेटियों, अब तुम जागो ना बेचारी, ना लाचार बनो। मचाओ हाहाकार, करो घोर चीत्कार, दुराचारियों का अब स्वयं संहार[...]
पूछती है निर्भया- प्रियंका कुमारीपूछती है निर्भया- प्रियंका कुमारी
रात्रि चौराहे पे पड़ी, यह स्त्री कौन है? पूछती है निर्भया, निर्वस्त्र अब यह कौन है? क्या मेरी चीत्कार से[...]
कब तक निर्भया – अपराजिता कुमारीकब तक निर्भया – अपराजिता कुमारी
कब तक निर्भया बनती रहेंगी बेटियाँ, कब तक दरिंदों से लड़ती रहेंगीं बेटियाँ, कब तक अपनी अस्मत बचाती रहेंगी[...]
भाई का पैगाम- विवेक कुमारभाई का पैगाम- विवेक कुमार
रक्षाबंधन पर, भाई का पैगाम, सभी बहनों के नाम, ओ मेरी बहना, राखी तू जरूर बाँधना, रक्षा का मैं वचन[...]
रक्षाबंधन एक एहसास – राम किशोर पाठकरक्षाबंधन एक एहसास – राम किशोर पाठक
न पर्व है न त्योहार है यह तो है बस आपसी प्यार। मिलन है स्मरण है इसका भावपूर्ण है[...]
