स्वस्थ बने शरीर, करें नित्य योग। मन प्रसन्न रहे, पास न आए रोग। शरीर उर्जावान रहे, हर दर्द दूर हो[...]
योग – धीरज कुमारयोग – धीरज कुमार
मिलता है बहुत मुश्किल से मानव शरीर। गलत दैनिक क्रिया से रोग पालते है गंभीर।। समय रहते योग के महत्व[...]
योग विश्वगुरु -भारत – दिप्ति सिंहयोग विश्वगुरु -भारत – दिप्ति सिंह
अंतराष्ट्रीय योग दिवस विशेष -स्वरचित कविता योग विश्वगुरु -भारत आओ हम सब मिल के मनाए पर्व नये इस विश्व[...]
योग – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’योग – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
शेक्सपियर सानेट शैली देह का मन से मिलन करिए। प्रभु से नाता मन से जोड़ें। धैर्य नियम को प्रतिदिन धरिए[...]
योग- धीरज कुमारयोग- धीरज कुमार
मिलता है बहुत मुश्किल से मानव शरीर। गलत दैनिक क्रिया से रोग पालते है गंभीर।। समय रहते योग के महत्व[...]
चलो योग करें- अशोक कुमारचलो योग करें- अशोक कुमार
हुआ सवेरा, जल्दी जागो । योग करके, आलस त्यागो।। स्वस्थ रहो, युक्ति अपनाओ । योग करके, फुर्ती लाओ।। शारीरिक जकड़न[...]
बच्चों का अंदाज- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बच्चों का अंदाज- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
आने वाले समय की,उसको न चिंता होती, हमेशा वो हर पल, रहता बिंदास है। आँखों में बसा के चित्र, सबको[...]
प्रेम दिव्य अनुभूति परम है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्रेम दिव्य अनुभूति परम है- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
प्रेम दिव्य अनुभूति परम है आओ हम विश्वास बढ़ाएँ। प्रेम मग्न हों प्रभु को भजकर, अंतर्मन नव भाव जगाएँ। प्रेम[...]
मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
आ जाओ रे मेघ, इतना मत न इतराओ। उजड़ रहा खलिहान,थोड़ा नीर बरसाओ।। हैं बहुत परेशान,तप रही धरा हमारी। कृपा[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पिता विटप की छाँव है, देता शिशु आराम। रोटी कपड़ा गेह भी, सुखद सृष्टि आयाम।। पिता शांति का दूत है,[...]
