चलो दिवाली मनाएं आओ बच्चों दिवाली मनाएं मन में उत्साह उमंग है छाई चलो दीपों की पंक्तियाँ सजाएं भीतर के अंधियारों को हम मिलकर दूर भगाएं रंग रोगन से सारे…
हाथी राजा-अशोक कुमार
हाथी राजा हाथी राजा अड़े बड़े, सूंढ उठाकर कहां चले। लंबे लंबे कद है इनका, झुमते हुए चले पड़े।। पत्ते हैं इनका आहार, लंबे सूंढ से करते प्रहार। शाकाहारी है…
मिट्टी का दीया-विवेक कुमार
मिट्टी का दीया अरमानों की साज सजा लो, हर घर को तुम सजा धजा लो, अपने मन मंदिर में एक दीप जला लो, सुकून का एक ज्योत जगा लो, धैर्य…
विदा होते पल-सुरेश कुमार गौरव
विदा होते पल विदा होते पल, हमेशा करता जाता समय का छल! न लौट पाने की आशा और न छू पाने के वे कल!! खट्ठी-मीठी, भूली-बिसरी, यादों के वे सुनहरे…
सबसे बड़ा उत्सव-अशोक कुमार
सबसे बड़ा उत्सव कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है आई, हर सुहागन अपने पति की लंबी उम्र की करती है दुहाई। शुभ दिन चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी है आई,…
हम होंगे कामयाब एक दिन-सुधीर कुमार
हम होंगे कामयाब एक दिन हम होंगे कामयाब एक दिन। हम होंगे कामयाब एक दिन। माना लम्बा है रस्ता, बाधाएं भी हैं अनेक। आयेगी हजारों रुकावटें, कठिनाईयां एक से एक।…
मन का अँधेरा दूर करो-रूचिका
मन का अँधेरा दूर करो घर के मुंडेरे पर उजियारा फैला लिया, चलो मन का अँधेरा दूर करो। अज्ञानता का तिमिर जो मन में है जला, ऊँच नीच का कलुषित…
सीमाएं-प्रियंका दुबे
सीमाएं प्रकृति के आँगन में कौतुक क्रीड़ाएं करते जीवन की संगतियों और विसंगतियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की परिभाषाएं, क्यों तय करती है सीमाएं? उन्मुक्तता की उड़ान भरने वाला, निरीह…
मां शारदे-नूतन कुमारी
माँ शारदे माता तुम्हारे चरणों की दासी हूँ दातिये। तेरे स्वरूप को मेरी अँखियन प्यासी है दातिये! मुझे वर दे, मुझको स्वर दे, ओ मां शारदे -2 माँ तुझको पुकारूँ…
जिन्दगी से दोस्ती-मनु रमण
जिन्दगी से दोस्ती मानव जीवन है बड़ा अनमोल, इसकी महत्ता को समझ लीजिये। परमात्मा का दिया हुआ यह अनुपम वरदान, इसका सदुपयोग किया कीजिये । कब तलक रहेंगे यहाँ, है…